बरेली: बिना पंजीकरण के भी वेंडरों से अवैध कैटरिंग कराई
बरेली, अमृत विचार। यूपी वेंडर सहकारी समिति का सरकारी कागजों में हेरा-फेरी कर घोटाला करने का मामला भी उजागर हुआ है। रेलवे ने समिति को काली सूची में डालने के साथ समिति से जुड़े 29 वेंडरों को भी हटा दिया है। रेलवे की तरफ से एफआईआर दर्ज कराने के बाद से समिति सचिव राजकुमार शर्मा …
बरेली, अमृत विचार। यूपी वेंडर सहकारी समिति का सरकारी कागजों में हेरा-फेरी कर घोटाला करने का मामला भी उजागर हुआ है। रेलवे ने समिति को काली सूची में डालने के साथ समिति से जुड़े 29 वेंडरों को भी हटा दिया है। रेलवे की तरफ से एफआईआर दर्ज कराने के बाद से समिति सचिव राजकुमार शर्मा फरार है। ट्रेनों के साथ यात्रियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए आईआरसीटीसी को जिम्मेदारी दी गई है।
यूपी वेंडर सहकारी समिति जंक्शन पर करीब 45 साल से कारोबार कर रही है। रेलवे लगातार इसको ठेका भी दे रहा था। समिति के सचिव राजकुमार शर्मा पर करीब 2016 से घोटाला करने का आरोप लगा है। इसने रेलवे के कागजातों के साथ हेरा-फेरी भी की थी। आरोप यह भी है कि बिना पंजीकरण के बाद भी अवैध वेंडरों से कैटरिंग कराई। लाइसेंस फीस के नाम पर पुरानी रशीदों को स्कैन कर उनका नंबर बदलकर उन्हें नया बिल बनाकर जमा किया है।
रेलवे अधिकारी कहते हैं कि इन्हीं झोल की वजह से रेलवे को करीब 50 लाख रुपये का चूना लगा है। आरोपों का जब खुलासा होने लगा तो जंक्शन जीआरपी ने अधिकारियों के निर्देश पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। जीआरपी आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछा रही है।
जंक्शन पर नहीं रख सकते सिलेंडर फिर भी रखा
मुरादाबाद मंडल की सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया कि जंक्शन पर कोई भी वेंडर सिलेंडर का प्रयोग नहीं कर सकता। 2017 में जब आगजनी की घटना हुई तो सभी वेंडरों की जांच कराई गई थी जिसमें इस समिति के वेंडरों के पास सिलेंडर मिले थे तब इसे केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। अब जब इस समिति को काली सूची में डाल दिया गया है। यात्रियों के खाने का पूरा काम अब आईआरसीटीसी ही देखेगी। जल्द ही यात्रियों की सुविधा की योजना बनाई जा रही है।
यह आरोप लगाए गए थे
कागजातों में हेरा-फेरी कर लाइसेंस फीस में गड़बड़ी करना, अनाधिकृत वेंडरों से कैटरिंग कराना, भोजन के पैकटों पर एमआरपी न लिखना, खाने पर समिति का नाम नहीं लिखकर बेचना और चाय के कपों का माप से कम होना आदि आरोप लगाए हैं। जांच में आरोप सही पाए जा चुके हैं।
