बरेली: शराब बांटने वाले प्रत्याशी का बहिष्कार करेंगे फरीदापुर इनायत खां के ग्रामीण

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बरेली, अमृत विचार। बिथरीचैनपुर ब्लॉक के फरीदापुर इनायत खां के ग्रामीणों ने वोट के लिए शराब बांटने वाले प्रत्याशी का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। गांव के प्रबुद्ध लोगों ने नशाखोरी मिटाने और बेहतर प्रत्याशी को चुनने के इरादे से यह निर्णय लिया है। गांव के मुनासिब अली, सुनील राठौर, राजेश सागर, डा. कमल, …

बरेली, अमृत विचार। बिथरीचैनपुर ब्लॉक के फरीदापुर इनायत खां के ग्रामीणों ने वोट के लिए शराब बांटने वाले प्रत्याशी का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। गांव के प्रबुद्ध लोगों ने नशाखोरी मिटाने और बेहतर प्रत्याशी को चुनने के इरादे से यह निर्णय लिया है।
गांव के मुनासिब अली, सुनील राठौर, राजेश सागर, डा. कमल, रामगोपाल वर्मा आदि ने गांव में नशाखोरी को रोकने के लिए चुनाव में शराब का बिल्कुल भी वितरण न होने देने की पहल की है।

इनका मानना है कि अगर गांव में शराब बांटी गई तो युवा नशाखोरी को प्रेरित होंगे इसलिए वे ऐसे प्रत्याशियों का विरोध और बहिष्कार करेंगे जो शराब बांटेंगे। ऐसे प्रत्याशियों को वोट भी न देने की अपील की जा रही है। गांव के इन लोगों की पहल पर कई युवाओं की टोलियां भी तैयार की गई हैं जो शराब बांटने वालों पर नजर रखेंगी।

शराब बांटने वाले कैमरे में हो जाएंगे कैद
गांव फरीदापुर इनायत खां पूरी तरह से सीसीटीवी से लैस है। निवर्तमान प्रधान कमलेश पटेल ने पूरे गांव में इसलिए कैमरे लगवाए थे कि यहां कोई खुराफात करने वाले कैमरे में कैद हो सकें। इसलिए गांव में चुनाव के दौरान खुलेआम शराब बांटना आसान नहीं होगा। यदि खुलेआम शराब बांटी गई तो शराब बांटने वाले कैमरे में कैद हो जाएंगे। उधर, निवर्तमान प्रधान कमलेश पटेल का कहना है कि उन्होंने गांव में नशाखोरी के खिलाफ अभियान भी चलाया है। गांव वालों ने चुनाव में शराब न बंटने देने का निर्णय लिया है तो अच्छी बात है।

प्रदेश का पहला स्मार्ट गांव का दावा
स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल हो चुके शहरी क्षेत्र में बेशक सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना फाइलों में दम तोड़ रही हो लेकिन फरीदापुर इनायत खां में न केवल सीसीटीवी से लैस हो चुका है बल्कि यहां कराये गए विकास कार्यों की चर्चा भी जोरों पर है। बताया जाता है पिछले चुनावों में गांव में शराब बांटने व दावतों का सिलसिला खूब चला था। खुलेआम शराब बांटी गई थी लेकिन अब यह आसान नहीं होगा। गांव के चहुंमुखी विकास के लिए इस गांव को मुख्यमंत्री पुरस्कार के लिए भी चुना जा चुका है।

कंट्रोल रूम के जरिये रखते हैं नजर
ग्राम पंचायत के सभी प्रवेश द्वार, तिराहे व चौराहों को चिह्नित करके सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसकी मॉनिटरिंग स्वयं निवर्तमान प्रधान करते हैं। इनका कंट्रोल रूम प्रधान के घर में बनाया गया है।

सूदखोर वोट का बना रहे दबाव
गांव में तमाम तरीके की सख्ती होने पर सूदखोरों ने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में वोट डलवाने के लिए नया तरीका निकाला है। प्रलोभन देने के बाद भी यदि मतदाता उनकी बात नहीं मानता है तो वे उसे डर धमका रहे हैं। निवर्तमान प्रधान कमलेश पटेल का कहना है पारदर्शिता के साथ प्रधानी का चुनाव कराने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन सूदखोरों द्वारा मतदाताओं पर दबाव बनाने संबंधी शिकायतें आ रही हैं।

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