बरेली: एसओजी का पुलिसकर्मी बनकर ज्वेलर से लूटे आठ लाख रुपये
बरेली,अमृत विचार। डोहरा रोड पर एसओजी के पुलिसकर्मी बनकर बदमाशों ने सितारगंज के ज्वेलर से 8 लाख रुपये लूट लिए। ज्वेलर एक किलो सोने की डील करने के लिए बरेली आया था। डील करने वालों ने ही उसे पहले असली सोना देकर झांसे में लिया था। पीड़ित ने बारादरी पुलिस को जानकारी दी लेकिन पुलिस …
बरेली,अमृत विचार। डोहरा रोड पर एसओजी के पुलिसकर्मी बनकर बदमाशों ने सितारगंज के ज्वेलर से 8 लाख रुपये लूट लिए। ज्वेलर एक किलो सोने की डील करने के लिए बरेली आया था। डील करने वालों ने ही उसे पहले असली सोना देकर झांसे में लिया था। पीड़ित ने बारादरी पुलिस को जानकारी दी लेकिन पुलिस दो दिनों तक घटना को संदिग्ध मानती रही।
शुक्रवार को पुलिस ने अमानत में खयानत और ठगी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया। अन्य चार की तलाश कर रही है। पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी।
अर्जुन कुमार साह, उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के सिसौना, सितारगंज के रहने वाले हैं। उनकी सिसौना में ज्वेलरी शॉप है। उनके पास में ही उनके बहनोई उपेंद्र शाह की भी ज्वेलरी शॉप है। उनके मुताबिक 15 दिन पहले उनके एक मित्र ने सतपाल नाम के व्यक्ति से उनकी मुलाकात करवाई।
उसने बताया कि सतपाल सोने का बड़ा व्यापारी है। सतपाल ने खुद को पंजाब निवासी बताया। उसने बाजार से 15 फीसदी कम दाम में सोना दिलाने का वादा किया। उसने 8 दिन पहले बाजार से कम रेट पर 21 ग्राम सोना दिलाया। इसके बदले में उन्होंने 80 हजार रुपये दिए। उसके बाद उसने 48 ग्राम सोना बाजार से कम दाम पर ढाई लाख रुपये में दिलवाया। दो बार में असली सोना दिलाने पर उसे सतपाल पर भरोसा हो गया।
इसके बाद सतपाल ने उन्हें 500 ग्राम सोना खरीदने के लिए बरेली रेलवे स्टेशन पर बुलाया। वह बरेली गए लेकिन सोना देखने पर समझ में नहीं आया तो वापस चले गए। उसके बाद सतपाल ने कहा कि अच्छा माल आ गया है। एक किलो सोना खरीदने के लिए उन्होंने करीब 8 लाख रुपये इकट्टा किए। सतपाल ने उन्हें डोहरा रोड पर एक अस्पताल के पास बुलाया। यहां पर अचानक कार में कई लोग आ गए और खुद को एसओजी से बताया। उन्होंने अर्जुन से कहा कि वह नकली सोना खरीद रहा है।
इसके बाद 8 लाख रुपये और दो मोबाइल लूट लिए और वहां से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि वारदात को अंजाम देने वाले अधिकांश सितारगंज के ही रहने वाले हैं। उनके साथ में कुछ बरेली के लोग भी शामिल हैं जो फर्जी एसओजी के पुलिसकर्मी बने थे। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले 4 लोगों को पकड़ लिया है और उनके साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने कुछ नकली एक किलो सोने की ईंट भी बरामद कर ली है।
व्हाट्सएप ग्रुप पर मुंबई में भी लूट का चला पता
पुलिस को हिरासत में लिए गए युवकों के पास से एक व्हाट्सएप ग्रुप पर वीडियो मिला है। इस वीडियो में वह मुंबई में भी वारदात की बात कह रहे हैं। महाराष्ट्र के एक अखबार की कटिंग भी मिली है जिससे आशंका है कि यह गैंग बरेली के अलावा अन्य राज्यों में भी वारदात को अंजाम देता है। बरेली में नकली एसओजी बनकर पहले भी लूट और ठगी की वारदात हो चुकी हैं। असली सोने की जगह नकली सोना बेचने के भी मामले सामने आ चुके हैं।
“सोना की खरीदारी के दौरान कुछ लोग नकली पुलिसकर्मी बनकर आए और 8 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। आरोपी ठग हैं, जिन्होंने पहले असली सोना देकर ज्वेलर को फंसाया। चार आरोपी हिरासत में लिए गए हैं। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।” -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
