बरेली: रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना में वृहद शोध नहीं हो सका पास

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बरेली,अमृत विचार। रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के तहत शासन ने चयनित शोध प्रस्ताव की धनराशि स्वीकृत कर दी है। बरेली-मुरादबाद परिक्षेत्र यानी एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाविद्यालयों के भले ही 21 प्रोजेक्ट का चयन हो गया हो लेकिन कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट शामिल न होने से मायूसी हाथ लगी है। बरेली से भेजे …

बरेली,अमृत विचार। रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के तहत शासन ने चयनित शोध प्रस्ताव की धनराशि स्वीकृत कर दी है। बरेली-मुरादबाद परिक्षेत्र यानी एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाविद्यालयों के भले ही 21 प्रोजेक्ट का चयन हो गया हो लेकिन कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट शामिल न होने से मायूसी हाथ लगी है। बरेली से भेजे गए कुल 42 प्रोजेक्टों में 12 दीर्घ प्रोजेक्ट भेजे गए थे।

शासन ने 15 दिसंबर 2020 को विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों के शिक्षकों के शोध कार्य के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के तहत प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके तहत वृहद शोध योजना के लिए 15 लाख रुपये और लघु शोध योजना के लिए 5 लाख रुपये की धनराशि दी गई है। शोध योजना की अवधि तीन वर्ष रखी गई है। शुरुआत में शिक्षकों ने शोध पर जोर ही नहीं दिया।

बरेली जोन से शुरुआत में सिर्फ सात ही प्रस्ताव भेजे गए। शासन ने कई बार तारीख बढ़ाई और फिर अधिकारियों की सख्ती के बाद 42 प्रस्ताव भेजे गए। पूरे प्रदेश में इस योजना के तहत 265 प्रस्ताव भेजे गए थे, जिसमें 130 प्रस्ताव पास हो गए, जिनमें 84 महाविद्यालयों और 56 विश्वविद्यालय के शिक्षकों के प्रस्ताव हैं। प्रदेश में लघु योजना के तहत राजकीय महाविद्यालयों से 43, अशासकीय महाविद्यालयों से 82 और विश्वविद्यालयों से 66 प्रस्ताव भेजे गए थे।

इसी तरह से वृहद योजना के तहत राजकीय महाविद्यालयों से 6, अशासकीय महाविद्यालयों से 13 और विश्वविद्यालयों से 55 प्रस्ताव भेजे गए थे। बरेली जोन से 30 लघु और 12 वृहद शोध प्रस्ताव भेजे गए थे। इसमें लघु योजना के तहत राजकीय महाविद्यालयों से 5, अशासकीय महाविद्यालयों से 9 और विश्वविद्यालय से 16 शोध प्रस्ताव भेजे गए थे।

इसी तरह से वृहद योजना के तहत राजकीय महाविद्यालयों से शून्य, अशासकीय महाविद्यालयों से 4 और विश्वविद्यालय से 8 शोध प्रस्ताव भेजे गए थे। बरेली जिले में सिर्फ 21 लघु शोध को ही धनराशि स्वीकृत हुई है, जिनमें 9 विश्वविद्यालय और 12 महाविद्यालयों के शोध प्रस्ताव हैं।

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