मुरादाबाद: गर्मी शुरू होते ही बढ़ गई हैं आगजनी की घटनायें, दमकल विभाग के पास आग बुझाने को नहीं पर्याप्त इंतजाम

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। गर्मियों के मौसम में बढ़ रही तल्खी के बीच आगजनी की घटनायें बढ़ गई हैं। अप्रैल शुरू होने के साथ ही टूट रहे जर्जर तारों तो कभी चिंगारी से सैकड़ों बीघा फसल जलकर राख हो रही है। इन घटनाओं को रोकने में दमकल विभाग के अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। इसकी …

मुरादाबाद, अमृत विचार। गर्मियों के मौसम में बढ़ रही तल्खी के बीच आगजनी की घटनायें बढ़ गई हैं। अप्रैल शुरू होने के साथ ही टूट रहे जर्जर तारों तो कभी चिंगारी से सैकड़ों बीघा फसल जलकर राख हो रही है। इन घटनाओं को रोकने में दमकल विभाग के अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। इसकी वजह है पानी की सप्लाई के पर्याप्त इंतजाम न होना। दमकलकर्मियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। पानी की सप्लाई के लिए बने अधिकतर हाईड्रेंट सड़कों के नीचे दब गए हैं। ऐसे में आपात स्थिति में दमकलकर्मी फैक्ट्री या फिर निगम द्वारा लगाए गए नलकूपों से पानी की सप्लाई लेते हैं।

गर्मियों में बढ़ जाती हैं आग की घटनायें
सरकारी रिकार्ड के अनुसार गर्मियों में आग की घटनाओं में जबरदस्त इजाफा हो जाता है। अधिकतर हादसे जर्जर हो चुके बिजली के तारों के कारण होते हैं। अप्रैल माह में तो आंकड़ा काफी बढ़ जाता है। जर्जर हो चुके तार लोड पड़ते ही टूटकर खेत या फिर मकानों में गिर जाते हैं। इससे हर साल सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलकर राख होती है। औसतन तीन माह में दो से ढाई सौ हादसे होते हैं। इस बार भी अप्रैल माह शुरू होने के साथ ही आगजनी की घटनाओं ने किसानों के साथ ही दमकल अफसरों की मुसीबतें भी बढ़ा दी हैं। आए दिन खेतों में लगने वाली आग से सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल चौपट हो रही है।

दशकों पुराने हाईडेंट से हो रही पानी की सप्लाई
बात करें आग बुझाने के उपकरणों की तो दमकल विभाग के पास नौ बड़ी और तीन छोटी गाड़ियां हैं। उनमें से एक फोम वाली गाड़ी भी है, जिसका प्रयोग अधिकतर मैंथा में लगने वाली आग में किया जाता है। यह गाड़ियां हैलट रोड, कटघर, बिलारी, कांठ व ठाकुरद्वारा में खड़ी रहती हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर जल्द से जल्द इन्हें घटनास्थल तक भेजा जा सके। सरकारी रिकार्ड के अनुसार पूरे जिले में करीब 44 हाईड्रेंट हैं। उनमें से मात्र 33 ही काम कर रहे हैं। कई हाईड्रेंट तंग गलियों में होने के कारण वहां तक दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंचती है। महानगर के विकास के लिए बनाई गई सड़कों के नीचे भी तमाम हाईड्रेंट दब गए हैं।

जिला अग्निशमन अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि लंबे समय से कई हाईड्रेंट खराब हैं। आपात स्थिति में फैक्ट्री या फिर नलकूपों से पानी की सप्लाई की जाती है। इन स्थानों से पानी की सप्लाई सुचारू रूप से मिल सके, इसके लिए यहां भी हाईड्रेंट लगवाए गए हैं।

चार स्थानों में लगी आग, दौड़ते रहे दमकलकर्मी
रविवार को जिले में आग का कहर जारी रहा। चार स्थानों पर आग लगी, जिसमें लाखों रुपये मूल्य की फसल जलकर राख हो गई। आग बुझाने के लिए दिन भर दमकलकर्मी एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर दौड़ लगाते रहे। रविवार को मैनाठेर थानाक्षेत्र के गांव रसूलपुर सुनवाती के जंगल में दोपहर बाद अचानक आग लग गई। देखते ही देखते इसने भयंकर रूप धारण कर लिया।

लपटों ने गांव निवासी सुनील, दिग्विजय सिंह, धन प्रकाश, शंकर सिंह, जगदीश सिंह, महेश, गंगाराम, डालचंद और सुभाष के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में करीब 50 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। हालांकि दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया। उधर प्रेम वंडर लैंड के पास भी झाड़ियों में आग लग गई। सूचना पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने आनन-फानन में आग पर काबू पा लिया। यहां कोई आर्थिक क्षति नहीं हुई। इसके अलावा आजाद नगर में कूड़े के ढेर में आग लग गई। जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया।

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