बरेली कॉलेज के अस्थाई कर्मचारियों ने चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ खोला मोर्चा
बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में अस्थाई कर्मचारियों ने चीफ प्रॉक्टर डा. वंदना शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने मनमाने तरीके से ड्यूटी लगाने का आरोप लगाते हुए रोष जताया है। कर्मचारी मंगलवार को प्राचार्य का घेराव भी करेंगे। वहीं, चीफ प्रॉक्टर ने आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि …
बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में अस्थाई कर्मचारियों ने चीफ प्रॉक्टर डा. वंदना शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने मनमाने तरीके से ड्यूटी लगाने का आरोप लगाते हुए रोष जताया है। कर्मचारी मंगलवार को प्राचार्य का घेराव भी करेंगे। वहीं, चीफ प्रॉक्टर ने आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि सभी की ड्यूटी नियमानुसार लगाई गई है। किसी को कोई आपत्ति है तो उनसे संपर्क कर सकता है।
बता दें कि बरेली कॉलेज के कर्मचारी 92 दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी कल्याण सेवा समिति बरेली कॉलेज के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा का आरोप है कि ड्यूटी लगाने में भेदभाव किया जा रहा है। प्रबंधन द्वारा उनकी जो मांगें मानी गई हैं उसका पालन नहीं किया जा रहा है। उनके वेतन समझौते के तहत छह महीने में न्यूनतम वेतन बढ़ना चाहिए लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण नहीं बढ़ाया जा रहा है। आरोप है कि ईपीएफ में भी गड़बड़ी की जा रही है। कई साथियों की मौत हो चुकी है लेकिन लेकिन उनके पीएफ की रकम नहीं दी जा रही है और न ही उनके आश्रितों को नौकरी दी जा रही है।
वहीं, सूत्रों की मानें तो कई कर्मचारी नेताओं की इससे पहले ड्यूटी गेट पर नहीं लग रही थी लेकिन अब गेट पर ड्यूटी लगने की वजह से विरोध किया जा रहा है। कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने को लेकर जारी आंदोलन के 92वें दिन सचिव हरीश मौर्य, राजकुमार, सावित्री, राजीव, दिनेश, मुकेश, जयप्रकाश पाठक, संजीव पटेल, चन्द्रसेन, रामबहादुर, दीपक, लालाराम, वीरेंद्र पथिक, वंशगोपाल शर्मा, गंगाप्रसाद आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
