बरेली: बढ़ रहा कोरोना का खतरा, फिर भी न मास्क और न सोशल डिस्टेंसिंग

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमण बीते वर्ष के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल की अपेक्षा इस समय तक चार गुना पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। कई बड़े शहरों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाइडलाइन जारी कर चुके हैं लेकिन खतरे की घंटी …

बरेली, अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमण बीते वर्ष के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल की अपेक्षा इस समय तक चार गुना पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। कई बड़े शहरों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाइडलाइन जारी कर चुके हैं लेकिन खतरे की घंटी फिर से बजने के बाद भी हम चेत नहीं रहे।

जिले में जहां भी देखो लोग अपने जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। शहर में कहीं भी कोविड नियमों का पालन होता नहीं दिखाई दे रहा। सड़कों, प्रमुख मार्गों के अलावा मुख्य बाजारों में लोग मास्क पहनने से परहेज कर रहे हैं। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं हो रहा है।

शहर में श्यामगंज, कुतुबखाना, बड़ा बाजार, सिविल लाइंस समेत कई स्थानों पर सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। बाजार में व्यापारियों ने कोरोना से बचाव को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग नदारद है। जिम्मेदार भी बेखबर हैं। ग्राहकों के लिए कोई ऐसी अतिरिक्त व्यवस्था नहीं है जिससे कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बचा जा सके।इधर, कुछ सजग लोग ऐसे भी हैं जो मास्क नहीं पहनने वालों को लगातार जागरूक कर रहे हैं। बावजूद लापरवाह लोगों पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।

जिला मुख्यालय के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में भी लापरवाह लोगों की वजह से संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। बीते कुछ दिनों से मिल रही कोरोना संक्रमण सैंपल रिपोर्ट में भी नए संक्रमित चिह्नित हो रहे हैं। इधर, कोरोना संक्रमण को लेकर जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से बीते साल शुरू किया अभियान भी बंद है।

लोगों को जागरूक करने के लिए भी कोई अभियान नहीं चल रहा है और न ही मास्क, हाथ धोने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए लोग खुद जागरूक दिख रहे हैं। इतना ही नहीं कई जगह तो कोरोना वायरस के शुरुआती दौर में सरकारी दफ्तर और सार्वजनिक स्थानों पर लगाईं गईं हैंड सैनिटाइजेशन मशीनें वर्तमान में किसी काम की नहीं रह गई हैं।

खतरे को भूल फर्राटा भरते बेखौफ लोग
कोरोना के मामले भले ही बढ़ रहे हैं, लेकिन शहर के बाजार और प्रमुख मार्ग पूरी तरह से व्यस्त हैं। सोमवार को लोग यहां बिना मास्क के बेखौफ फर्राटा भरते नजर आए। अधिकांश के चेहरे पर मास्क नहीं दिखा। खास बात यह रही कि चौराहों पर जगह-जगह दूसरों को नसीहत देने वाले जिम्मेदार भी स्वयं की सुरक्षा को लेकर तनिक भी संजीदा नहीं हैं।

पहले चालानी कार्रवाई, अब प्रशासन भी सुस्त
नियमों का पालन करवाने में स्थानीय प्रशासन भी अब पूरी तरह सुस्त हो गया है। पूर्व में चालानी कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन अब वह भी पूरी तरह बंद कर दी गई। न मास्क लगाने की अपील की जा रही है और न ही दुकानों में शारीरिक दूरी नियम का पालन करने को कहा जा रहा है। हालत यह है कि अब एक भी अधिकारी शहर व बाजार में भ्रमण करता नजर नहीं आ रहा।

चुनावी चौपाल भी हो सकती है खतरनाक
कोरोना महामारी के बीच पंचायत चुनाव भी हो रहा है। गांवों में चुनावी सरगर्मी बढ़ चुकी हैं। चुनाव के कारण जगह-जगह चौपाल हो रही हैं। दावेदार लोगों के साथ चुनावी बैठक कर रहे हैं। ये बैठक कोरोना महामारी में खतरनाक साबित हो सकती है। देर रात तक लोगों बैठकी हो रही है। यहां कोविड नियमों का पालन नहीं हो रहा है।

“हमारा जिला कोरोना को पछाड़ने में लगभग सफल हो गया था, लेकिन कुछ लापरवाह लोगों की वजह से संक्रमण को एक बार फिर रफ्तार मिली है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क सहित शारीरिक दूरी के नियम का पालन आवश्यक है।” -संजीव गुप्ता, कर्मचारी नगर

“जिले में बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या चिंताजनक है। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का अमला लगातार नागरिकों की सुरक्षा का प्रयास कर रहा है। ऐसे में हमारा भी दायित्व है कि हम नियमों का पालन करें।” -संजीव मित्तल, बासमंडी

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