बरेली: इस बार बिना फिटनेस चुनाव में दौड़ेंगी गाड़ियां

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। पंचायत चुनाव को लेकर सभी विभागों में तेजी से तैयारियां चल रही हैं। हर बार की तरह पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के लिए संभागीय परिवहन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है मगर इस बार पोलिंग पार्टियां बिना फिटनेस हुए वाहनों से रवाना की जाएंगी। इसमें अधिकांश बसें स्कूलों में चलने वाली …

बरेली, अमृत विचार। पंचायत चुनाव को लेकर सभी विभागों में तेजी से तैयारियां चल रही हैं। हर बार की तरह पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के लिए संभागीय परिवहन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है मगर इस बार पोलिंग पार्टियां बिना फिटनेस हुए वाहनों से रवाना की जाएंगी। इसमें अधिकांश बसें स्कूलों में चलने वाली हैं मगर इनकी फिटनेस की तरफ शायद विभाग का ध्यान ही नहीं गया। इससे अब काफी खतरा बढ़ने की उम्मीद हो गई है।

कोरोना संक्रमण काल में वाहनों का टैक्स न चढ़े इसके लिए तमाम वाहन स्वामियों में अपने वाहनों को सरेंडर कर दिया था। इसमें स्कूलों में चलने वाले वाहन भी थे लेकिन जब इनकी समयसीमा पूरी हुई तो वाहनों को छुड़ाना पड़ा। इसके बाद सभी का दो महीने अप्रैल और मई का टैक्स माफ किया गया लेकिन ट्रांसपोर्ट की तमाम एसोसिएशन ने एक बार फिर से टैक्स माफी की गुहार लगाई मगर किसी का टैक्स माफ नहीं किया गया। यहां तक कि कोर्ट से भी इन्हें कोई राहत नहीं मिली। ऐसे में तमाम वाहन स्वामियों ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है। इस कारण जिन वाहनों का टैक्स जमा नहीं है उनकी फिटनेस समेत तमाम कार्यों को रोक दिया गया।

नियम है कि जब तक वाहन का टैक्स जमा नहीं होगा तब तक न तो वाहन का पंजीकरण रिन्यू होगा, न फिटनेस होगी और न ही अन्य कोई कार्य। अब चुनाव आते ही वाहनों को चुनाव में लगाना पड़ रहा है। प्रशासन ने संभागीय परिवहन विभाग से 837 वाहनों की मांग की है। इस पर संभागीय परिवहन विभाग ने सभी प्राइवेट वाहनों समेत स्कूलों में चलने वाले वाहनों को चुनाव में अपना वाहन लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं मगर जिन वाहनों की मांग की गई है। उसमें से अधिकांश की फिटनेस ही नहीं है क्योंकि उनका टैक्स ही जमा नहीं हुआ है।

“हमारे एसोसिएशन की करीब 200 गाड़ियां संचालित हैं। इसमें से अधिकांश ऐसी हैं जिनका टैक्स जमा नहीं होने की वजह से फिटनेस नहीं हो सकी। फिर भी एआरटीओ कार्यालय से गाड़ी की डिमांड कर ली गई है। ऐसे में मजबूरी है कि बिना फिटनेस के गाड़ियों को दौड़ाया जाए।” -निशांत पंवार, अध्यक्ष, इंडिपेंडेंट स्कूल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

“ऐसी कोई समस्या आएगी नहीं है क्योंकि शासन से 30 जून तक सभी वाहनों की फिटनेस को वैध कर दिया गया है। हालांकि जिन वाहनों की फिटनेस खराब है उनके लिए योजनाएं तैयार की जा रही है।” -आरटीओ, अनिल कुमार गुप्ता

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