बरेली: पंचायत चुनाव की आचार संहिता ने करोड़ों के कामों पर लगाया ब्रेक

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बरेली, अमृत विचार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते नगर निगम बोर्ड की बैठक करीब सवा महीने तक हो पाना मुमकिन नहीं है। इस वजह से कार्यकारिणी में स्वीकृत हुए कई करोड़ रुपये के काम भी फिलहाल लटक गए हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जब तक आचार संहिता नहीं …

बरेली, अमृत विचार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते नगर निगम बोर्ड की बैठक करीब सवा महीने तक हो पाना मुमकिन नहीं है। इस वजह से कार्यकारिणी में स्वीकृत हुए कई करोड़ रुपये के काम भी फिलहाल लटक गए हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जब तक आचार संहिता नहीं हट जाती है, जब तक बोर्ड कोई निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है। उधर बोर्ड में प्रस्ताव न पास होने से विकास कार्यों पर भी ब्रेक लग गया है।

कार्यकारिणी की पिछले महीने हुई बैठक में सदस्यों ने करोड़ों रुपये के प्रस्ताव पास कराए थे। इसमें डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए आठ करोड़ रुपये, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 13 करोड़, पथ प्रकाश के लिए आठ करोड़, सड़कों के निर्माण के लिए 70 करोड़ रुपये सहित कई कार्यों के लिए भी प्रस्तावों पर अनुमति मिल गई थी। इसके बाद इन प्रस्तावों को नगर निगम बोर्ड की बैठक में रखा जाना था ताकि इन सभी कार्यों पर अंतिम फैसला लिया जा सके। इस बीच 4 अप्रैल को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चलते एक महीने के लिए आचार संहिता लागू हो गई है।

आचार संहिता हटने के फौरन बाद यह बैठक बुलाना संभव नहीं हो सकेगा। इसके लिए आगामी बोर्ड बैठक कराने में कम से कम सवा महीने का वक्त लगने की संभावना है जबकि बोर्ड के प्रस्ताव पास न होने से उससे पहले विकास कार्यों को कराया जा पाना भी मुमकिन नहीं होगा। ऐसी स्थिति में नगर निगम के अधिकारी कई मदों में नए वित्तीय साल में रेट भी संशोधित नहीं कर पा रहे है।

नगर निगम को इस वित्तीय साल में होर्डिंग, यूनिपोल आदि से होने वाले विज्ञापन से दो करोड़ की बजाय आठ करोड़ रुपये का राजस्व वसूल करना है। ऐसे में निगम को इसके रेट में भी बढ़ोत्तरी करते हुए संशोधन करना है, जबकि निगम प्रशासन इस पर भी फैसला नहीं ले पा रहा है। इसके अलावा निगम के अन्य टैक्स में भी संभावित बढ़ोत्तरी को लेकर भी निर्णय नहीं लिया जा पा रहा है।

निगम के अधिकारियों का कहना है कि इससे वित्तीय साल के पहले महीने में वसूली प्रभावित हो रही है। बाद में इसकी भरपाई करने की कोशिश की जाएगी। निगम कार्यकारिणी के उपसभापति संजय राय का कहना है कि इससे विकास कुछ दिन तक नहीं हो सकेगा लेकिन आचार संहिता से पहले काम भी नहीं शुरू कराए जा सकते।

निगम की नई सड़कों के टेंडर भी लटके
स्मार्ट सिटी व अमृत योजना के काम के चलते नगर निगम की तमाम सड़कें खराब हो गई है। इसके अलावा वार्डों में गली-नालियों के काफी काम होने हैं। जबकि आचार संहिता की वजह से नए कामों के टेंडर नहीं हो पा रहे हैं। इस वजह से टूटी व खस्ताहाल सड़क के काम शुरू कराने में देरी हो रही है। स्टेडियम रोड के साथ संजय नगर, सुभाषनगर सहित कई जगहों मुख्य सड़कों के काम भी प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं।

आचार संहिता हटने के बाद ही नगर निगम बोर्ड की बैठक होगी। इसमें ही प्रस्तावों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसलिए बोर्ड की आगामी बैठक कई में होने की संभावना है। -अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त

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