बरेली: अब मनोज जायसवाल के करीबियों पर कसा शिकंजा
बरेली, अमृत विचार। शराब कारोबारियों के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं। यही वजह है कि विभागीय अधिकारियों ने मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल समेत उनके कई साथियों को भी नोटिस भेजा है। हालांकि, अब तक किसी ने जबाव नहीं दिया है। वहीं, मनोज के बार भी किसी …
बरेली, अमृत विचार। शराब कारोबारियों के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं। यही वजह है कि विभागीय अधिकारियों ने मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल समेत उनके कई साथियों को भी नोटिस भेजा है। हालांकि, अब तक किसी ने जबाव नहीं दिया है। वहीं, मनोज के बार भी किसी अन्य व्यक्ति को देने की तैयारी आबकारी विभाग की ओर से की जा रही है।
पंचायत चुनाव में शराब की खपत करने के लिए कानपुर से बरेली एक ट्रक शराब 23/24 मार्च को पकड़ा गया था। ट्रक में 1400 से अधिक पेटी शराब पकड़ी गई थी। पुलिस के अनुसार, यह शराब अवैध तरीके से बरेली लाई गई थी। बताते हैं कि इस तरह से शराब कारोबारी मनोज जायसवाल टैक्स बचाना चाह रहा था।
हरूनगला में मौके से ट्रक चालक पकड़ा गया था जबकि मनोज अब तक फरार है। इस प्रकरण में एसआईटी, आबकारी और स्थानीय पुलिस भी जांच कर रही है। मनोज के बार के लाइसेंस पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल और उनके साथियों को नोटिस जारी किया है। अब तक किसी की ओर से जवाब नहीं आया है। यदि चार दिन में जवाब नहीं आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बारादरी थाने की पुलिस जांच के लिए कानपुर गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानपुर स्थित शराब का गोदाम अजय जायसवाल का है। मनोज और अजय के बीच शराब का कारोबार काफी दिनों से चल रहा है। इंस्पेक्टर क्राइम राजकुमार सिंह ने बताया कि बरेली में शराब तो सही आई लेकिन गैर कानूनी थी। टैक्स बचाने के लिए शराब को चोरी से भेजा गया था। इस प्रकरण में अभी जांच जारी है।
आबकारी विभाग के अधिकारी भी हो सकते हैं शामिल
बताते हैं जिस स्थान पर अजय जायसवाल का शराब गोदाम है वहीं आबकारी विभाग का कार्यालय है। जो भी ट्रक यहां से निकलता है वह आबकारी अधिकारियों से विल्टी लेकर चलता है। पुलिस का कहना है कि बिना विल्टी के ट्रक बरेली कैसे आ गया। पुलिस को शक है कि कानपुर के आबकारी विभाग के अधिकारियों की शह पर ही ट्रक वहां से बरेली के लिए निकला था। यहां एसओजी और पुलिस को जब जानकारी लग गई तो ट्रक पकड़ लिया गया।
बार भी किराये पर देने की तैयारी
बार बंद होने से राजस्व वसूली को घाटा हो रहा है। संभावना है कि आबकारी विभाग मनोज जायसवाल के दोनों बार भी किराए पर दे दे। विभागीय अधिकारी इसकी तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे राजस्व का घाटा नहीं होगा। यदि सब कुछ सही रहा तो जल्द ही मनोज जायसवाल के दोनों बार किसी अन्य व्यक्ति को दे दिए जाएंगे।
मामले की जांच के लिए बरेली से दो विवेचकों को कानपुर भेजा गया है। वहां से वे लोग क्या जांच करके लाते हैं। उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब तक शराब करोबारी मनोज जायसवाल पकड़ा नहीं गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। – राजकुमार सिंह, इंस्पेक्टर क्राइम बारादरी
