बरेली: सीटों के लिए खतरा बने बागी, पैतरेबाजी से घबराई भाजपा
बरेली, अमृत विचार। बरेली जनपद की जिला पंचायत सदस्य पद की 60 सीटें जीतने के लिए भाजपा ने बेहतर तैयारी की। बूथ व सेक्टर मैनेजमेंट से लेकर प्रत्याशियों के चयन में भी पारदर्शिता दिखाई, लेकिन भाजपा के बरेली और आंवला संगठनात्मक जिलों में अंदरखाने चल रहे विरोध को भांपने में भाजपा नेता फेल नजर आए। …
बरेली, अमृत विचार। बरेली जनपद की जिला पंचायत सदस्य पद की 60 सीटें जीतने के लिए भाजपा ने बेहतर तैयारी की। बूथ व सेक्टर मैनेजमेंट से लेकर प्रत्याशियों के चयन में भी पारदर्शिता दिखाई, लेकिन भाजपा के बरेली और आंवला संगठनात्मक जिलों में अंदरखाने चल रहे विरोध को भांपने में भाजपा नेता फेल नजर आए। भाजपा ने जिन समर्थित प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। उन प्रत्याशियों को भाजपा के अपने ही हराने के लिए मैदान में खुलकर सामने आ चुके हैं।
बागियों की पैतरेबाजी से भाजपा के वरिष्ठ नेता चारों खाने चित हो गए हैं। इस कारण वरिष्ठ नेता चिंतित हैं। आंवला जनपद के 12 वार्डों में बागी प्रत्याशी और उनके समर्थक भाजपा के समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इससे सांसद, विधायकों की साख खतरे में भी पड़ती दिख रही है। हाईकमान ने बागियों को बैठाने के लिए सांसद, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारियों को लगाया है लेकिन एक भी बागी बैठने को राजी नहीं है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि अभी तक एक भी बागी ने मैदान नहीं छोड़ा है। उन्हें मनाने की कोशिश जारी है। वरिष्ठ नेता रोज उनके घर पहुंच रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार शाम पार्टी कार्यालय पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि दो दिन मनाने के बाद भी जो कार्यकर्ता निर्दलीय चुनाव लड़ेगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। उनके इस बयान से बागी और नाराज दिख रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि बागियों ने निर्दलीय चुनाव लड़कर सीट जीतने के लिए कार्ययोजना बनाई है। हाईकमान ने आंवला जिलाध्यक्ष वीर सिंह पाल और बरेली जिलाध्यक्ष पवन शर्मा के कंधों पर बागियों को बैठाने की बड़ी जिम्मेदारी डाली है। दोनों जिलों में 25 से अधिक कार्यकर्ता हैं, जो बागी बन निर्दलीय चुनाव मैदान में रहकर समर्थित प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
44 नंबर सीट पर तीन वरिष्ठ कार्यकर्ता बागी बन लड़ रहे निर्दलीय चुनाव
आंवला जिले के वार्ड 44 आलमपुर जाफराबाद चतुर्थ की जिला पंचायत सदस्य सीट पर भाजपा के तीन वरिष्ठ कार्यकर्ता बागी बनकर निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। इससे भाजपा पदाधिकारियों की चिंता और बढ़ गई है। तीनों कार्यकर्ताओं की साख वार्ड क्षेत्र में ठीक बताई जा रही है। जबकि भाजपा ने धर्मवीर सिंह राठौर को समर्थित प्रत्याशी बनाया है, लेकिन वरिष्ठ कार्यकर्ता विनोद लोधी, अरविंद शर्मा व ब्रह्मप्रताप सिंह प्रत्याशी न बनाए जाने से नाराज हैं और बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। इससे इस सीट पर भाजपा की जीत मुश्किलों में घिरी है।
