‘मिसेज श्रीलंका’ का ताज जबरन उतारने के मामले में ‘मिसेज वर्ल्ड’ ने खिताब त्यागा

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कोलंबो। सौंदर्य प्रतिस्पर्धा ‘मिसेज वर्ल्ड 2020’ की विजेता कैरोलीन जूरी ने इस साल मिसेज श्रीलंका चुनी गईं पुष्पिका डि सिल्वा के सिर से ताज जबरदस्ती उतारने के अपने फैसले का बचाव किया और अपना खिताब त्याग दिया। जूरी का दावा है कि डीसिल्वा इस प्रतियोगिता में भाग लेने के योग्य नहीं थीं, क्योंकि वह तलाकशुदा …

कोलंबो। सौंदर्य प्रतिस्पर्धा ‘मिसेज वर्ल्ड 2020’ की विजेता कैरोलीन जूरी ने इस साल मिसेज श्रीलंका चुनी गईं पुष्पिका डि सिल्वा के सिर से ताज जबरदस्ती उतारने के अपने फैसले का बचाव किया और अपना खिताब त्याग दिया। जूरी का दावा है कि डीसिल्वा इस प्रतियोगिता में भाग लेने के योग्य नहीं थीं, क्योंकि वह तलाकशुदा हैं। डीसिल्वा को रविवार को टीवी पर प्रसारित एवं कोलंबो में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मिसेज श्रीलंका चुना गया था। जूरी को गुरुवार को गिरफ्तार करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया।

जूरी ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर कहा कि वह ”अन्याय” के खिलाफ खड़ी हुईं। उन्होंने कार्यक्रम में ”भ्रष्टाचार” होने का आरोप लगाया। जूरी ने कहा कि वह सुनिश्चित करना चाहती थीं कि हर प्रतिभागी को समान अवसर मिले, क्योंकि उन्होंने ”शुरुआत से देखा” है कि प्रतियोगिता में भ्रष्टाचार हुआ है।

उन्होंने अपने सिर से ताज उतारने से पहले कहा, ”मैं अब ताज सौंपने के लिए तैयार हूं।” इस बीच, डीसिल्वा ने स्पष्ट किया कि वह अपने पति से अलग रह रही हैं, लेकिन उनका तलाक नहीं हुआ है। मिसेज श्रीलंका खिताब विवाहित महिला को ही दिया जाता है।

जूरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा था कि डीसिल्वा तलाकशुदा हैं और इस प्रतिस्पर्धा में केवल विवाहित महिलाओं को भाग लेने की इजाजत है। इसके बाद उन्होंने डीसिल्वा का विजेता का ताज जबरदस्ती उतार लिया और उपविजेता प्रतिभागी के सिर पर रखकर उसे विजेता घोषित कर दिया। डीसिल्वा ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आयोजकों ने उन्हें विजेता का ताज लौटा दिया।

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