बेकाबू कोरोना: बरेली में सक्रिय संक्रमितों की संख्या पहुंची 1007
बरेली, अमृत विचार। कोरोना की रफ्तार ने लॉकडाउन के रिकार्ड मार्च में ही तोड़ दिए। अब कोरोना पिछले साल अनलॉक के रिकार्ड तोड़ने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई है। फैलते कोरोना संक्रमण के बीच 15 अप्रैल को मतदान कराना प्रशासन के लिए बड़ी …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना की रफ्तार ने लॉकडाउन के रिकार्ड मार्च में ही तोड़ दिए। अब कोरोना पिछले साल अनलॉक के रिकार्ड तोड़ने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई है। फैलते कोरोना संक्रमण के बीच 15 अप्रैल को मतदान कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
निर्वाचन अधिकारी और सहायक निर्वाचन अधिकारी भी संक्रमित निकल रहे हैं। शनिवार शाम कोरोना के जो आंकड़े सामने आए, उससे शहर के लोग भी डर गए हैं। जहां प्रतिदिन 50 केस निकल रहे थे। इसके बाद संख्या 110 और 130 तक पहुंची। अब एकाएक संख्या 200 पार पहुंच गई। लॉकडाउन लगे बगैर ही कोरोना के आंकड़ों ने लाकडाउन लगने जैसा खौफ महसूस करा दिया है। बरेली में 1007 सक्रिय केस हैं। इसमें सर्वाधिक संक्रमित नगर निगम सीमा क्षेत्र में ही निकले हैं। 828 संक्रमित होम आईसोलेशन में हैं। अन्य संक्रमित 300 बेड हॉस्पिटल समेत अन्य मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
संक्रमितों के लिए बेड कम नहीं, और बढ़ाए गए: डीएम
जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पिछले साल की तरह बेड की संख्या बढ़ा दी है। 300 बेड हॉस्पिटल में 135 बेड हैं। इसमें सौ बेड आक्सीजन और 35 आईसीयू बेड हैं। राजश्री मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 220 बेड हैं। 180 आक्सीजन, 30 आईसीयू और 10 वेंटीलेटर वाले बेड हैं।
रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 400 बेड तैयार कराए हैं। 200 आक्सीजन, 45 आईसीयू, 20 वेंटीलेटर वाले बेड हैं। श्रीराम मूर्ति मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 247 बेड हैं। इामें 40 आईसीयू व 20 वेंटीलेटर वाले बेड हैं। डीएम ने बताया कि 20-20 बेड दो निजी अस्पतालों में तैयार कराये हैं। 60 बेड पीलीभीत रोड के एक अस्पताल में तैयार कराए जा रहे हैं। इन तीनों अस्पताल में संक्रमित मरीज अपने खर्चे पर इलाज करा सकते हैं।
दोगुनी रफ्तार से कोरोना संक्रमितों की बढ़ रही संख्या
मार्च माह के पहले दिन से ही कोरोना संक्रमण रफ्तार पकड़े हुए है। होली के बाद तो जो आंकड़े सामने आए हैं। उसने पिछले साल की यादें ताजा कर दीं। पिछले हफ्ते भर से संक्रमितों का आंकड़ा सौ के ऊपर ही जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को सैनिक कॉलोनी, वृंदांवन रेजीडेंसी, कैंट, पवन विहार, शास्त्री नगर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों, सिविल लाइंस, हर्ष इंक्लेव, शिवपुरी, सनराइज इंक्लेव, नई बस्ती, फाइक इंक्लेव, श्यामगंज, शिव इंक्लेव, वीर सावरकर नगर, सुभाष नगर, तिलक कॉलोनी, शांति विहार, कर्मचारी नगर, त्रिलोक विहार, रामगंगा नगर, ग्रेटर ग्रीन पार्क, शक्ति नगर, आलोक नगर, मुडि़या, सीएचसी बिथरी, बारादरी, संजय नगर, विशारतगंज, सीबीगंज के एक ही परिवार के चार सदस्यों में, बक्सरिया मोहल्ला, एकता नगर, चौधरी मोहल्ला, ओम रेजिडेंसी, जगमनपुर, मुंशी नगर, प्रेमनगर, विकास भवन महानगर, सिकलापुर, इंद्रा नगर, सनसिटी, चौपुला, सेल्स टैक्स ऑफिस, राधे श्याम इंक्लेव, भमोरा, राजीव नगर, किला, बिहारीपुर, नवाबगंज, शाहदाना, सुरेश शर्मा नगर, सुपर सिटी, मानसरोवर गार्डन, इफ्को, कुर्मांचल नगर, शिवजी नगर, बड़ा बाजार, दुर्गा नगर, विष्णु नगर, आदि स्थानों में संक्रमित निकले हैं। सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने बढ़ रही तादाद काबू करने के लिए लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा है।
दोनों डोज लगवाने वाली नर्स संक्रमित
जिला अस्पताल की एक स्टाफ नर्स स्वास्थ्यकर्मियों की श्रेणी में कोरोना टीके की दोनों डोज लगने के बाद कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गई है। स्टाफ नर्स ने बीते कुछ दिनों से तबीयत खराब होने पर खुद को संदिग्ध मानते हुए जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर से जांच कराई, जिसमें शनिवार को संक्रमण की पुष्टि हुई। उनको 300 बेड अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीएमएस डा. बागीश वैश्य ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है।
पॉश कॉलोनियों में मिल रहे सर्वाधिक संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी संक्रमितों की सूची में एक बार फिर पॉश कॉलोनियों में संक्रमित अधिक मिले हैं। इसमें महानगर, सिविल लाइंस, रामपुर गार्डन, ग्रीन पार्क, ग्रेटर ग्रीन पार्क, वीर सावरकर नगर, राजेंद्र नगर, मॉडल टाउन शामिल है। इन क्षेत्रों में अभी तक बनाए गए 169 कन्टेनमेंट जोन की तादाद बढ़ने की आशंका से लोग दहशत में हैं।
माह संक्रमित
- 1 अप्रैल – 28
- 2 अप्रैल – 56
- 3 अप्रैल – 68
- 5 अप्रैल – 60
- 6 अप्रैल – 64
- 7 अप्रैल – 45
- 8 अप्रैल – 110
- 9 अप्रैल – 130
- 10 अप्रैल- 203
नोट:- ये सभी आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए हैं।
