मुरादाबाद: आखिर कब थमेगा ई-कचरे का अवैध कारोबार

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मुरादाबाद, अमृत विचार। ई-कचरा कहने को तो इलेक्ट्रानिक कचरा है। लेकिन, वातावरण के लिए सबसे अधिक यही घातक है। अवैध कारोबारियों के लिए फायदे का सौदा साबित होने वाले इस कचरे का कारोबार हमारी सांसों में धीरे-धीरे जहर घोलने लगा है। कचरे में सोना-चांदी तलाशने वाले भट्टियां जलाकर उसे गलाते हैं। इस दौरान निकलने वाला …

मुरादाबाद, अमृत विचार। ई-कचरा कहने को तो इलेक्ट्रानिक कचरा है। लेकिन, वातावरण के लिए सबसे अधिक यही घातक है। अवैध कारोबारियों के लिए फायदे का सौदा साबित होने वाले इस कचरे का कारोबार हमारी सांसों में धीरे-धीरे जहर घोलने लगा है। कचरे में सोना-चांदी तलाशने वाले भट्टियां जलाकर उसे गलाते हैं। इस दौरान निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित करता है। यह जहरीला धुआं सांस के जरिए अंदर जाकर लोगों को बीमार बना रहा है।

इस कड़वी हकीकत का कई बार खुलासा हो चुका है। शासन की सख्ती के बाद यह कारोबार जिले में पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बाद भी पुलिस की मिलीभगत से चोरी-छिपे यह कारोबार महानगर से लेकर देहात क्षेत्र तक धड़ल्ले से हो रहा है।

ऐसा नहीं हैं कि इन कारोबारियों का साथ देने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती। कारोबार में संलिप्त होने के कारण पिछले साल 21 पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं। एक बार भोजपुर एसओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद भी इस पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। पीतल को गलाने की आड़ में भट्टियों में अब ई-कचरा भी जलाया जा रहा है। इस कचरे में कंप्यूटर व मोबाइल आदि इलेक्ट्रानिक उपकरणों के पार्ट्स शामिल होते हैं। उसमें सोने व चांदी के भी तार होते हैं।

दिल्ली, एनसीआर व उत्तराखंड के नजदीक होने के कारण मुरादाबाद ई-कचरे को गलाने का हब बन चुका है। ट्रकों में इन क्षेत्रों से यह कचरा यहां लाया जाता है और फिर भट्ठियों में इसको गलाया जाता है। गलाने के दौरान कचरे से निकलने वाले धुएं से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। यही वजह है कि लगातार यहां के वायु गुणवत्ता सूचकांक में वृद्धि हो रही है।

कई बार प्रदूषण बोर्ड भेज चुका है पत्र
इस कारोबार को रोकने के लिए कई बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पुलिस-प्रशासनिक अफसरों को पत्र भेज चुका है। बिगड़ रहे वायु प्रदूषण का हवाला देते हुए बोर्ड के अफसरों ने इस कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाने की मांग की है। कई समाजसेवी संगठन भी इस मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं।

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि ई कचरे का अवैध कारोबार रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिसकर्मियों को भी चेतावनी दी गई है कि अगर उनकी संलिप्तता मिली तो कार्रवाई होगी। कचरे से भरे वाहनों को सीज करने के आदेश भी दिए गए हैं।

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