मजदूरों को फिर सता रहा लॉकडाउन का डर, 24 घंटे में पीतलनगरी डिपो से 350 से अधिक श्रमिक रवाना
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति बहुत खराब हो गई। वायरस को रोकने के लिए प्रशासन ने रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी कर रखा है। वहीं लाकडाउन की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। लाकडाउन के अफवाहों के बीच बड़ी संख्या में मजदूर घर वापसी कर रहे हैं। शनिवार को पीतलनगरी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति बहुत खराब हो गई। वायरस को रोकने के लिए प्रशासन ने रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी कर रखा है। वहीं लाकडाउन की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। लाकडाउन के अफवाहों के बीच बड़ी संख्या में मजदूर घर वापसी कर रहे हैं। शनिवार को पीतलनगरी डिपो से घर जाने वाले मजदूरों की भीड़ रही। स्टेशन प्रभारी के मुताबिक 24 घंटे में करीब 350 से अधिक श्रमिक घरों को लौट चुके हैं।
पिछले साल लाकडाउन की वजह से प्रवासी मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस समस्या से बचने के लिए श्रमिकों ने पहले ही पलायन शुरू कर दिया है। मजदूरों के लौटने से उद्योग-धंधों पर प्रभाव पड़ सकता है। सुबह से रत तक पीतलनगरी बस स्टैंड पर प्रवासी मजदूरों की भीड़ लगी रही। रोडवेज प्रशासन के मुताबिक रोज 6 से 7 बसों से मजदूर अपने घर जा रहा हैं। प्रत्येक बस 52 सीट की है। इनमें सीटों के अनुसार ही श्रमिकों को बैठाया जा रहा है।
दिल्ली, गाजियाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्र से करीब तीन हजार मजदूर पलायन कर चुके हैं। मुरादाबाद पीतल नगरी डिपो से लखनऊ के लिए बस रवाना की जा रही हैं, जिनमें प्रवासी मजदूर घर लौट रहे हैं। बिहार के रहने वाले तारीक, बाबू राम और ताहीर ने बताया कि पिछले साल लाकडाउन में पूरे परिवार को परेशानी झेलनी पड़ी थी। घर वापस जाने में पैर में छाले तक पड़ गए थे। इसलिए इस बार पहले ही घर जा रहे हैं और जब लगेगा कि सब ठीक है तब वापस आने पर विचार करेंगे।
पहली जैसी दिक्कत न हो, इसलिए घर लौट रहे
मजदूरों का कहना है कि कोरोना के कारण जब पिछले साल लाकडाउन की घोषणा हुई थी तो यातायात के सारे साधन अचानक बंद कर दिए गए थे। इसके कारण प्रवासी मजदूरों को परेशानी झेलनी पड़ी थी। मजदूरों को जब खाने की परेशानी हुई तो वे पैदल ही घर को निकल पड़े। सैकड़ों किमी पैदल चलकर किसी तरह अपने घर पहुंचे थे। इस दौरान कई मजदूरों की मौत भी हो गई थी। फिर जब हालात सुधरे और फैक्ट्रियां चालू हुईं तो मजदूरों ने वापसी की। लेकिन अब दोबारा से कोरोना के मामले बढ़ने पर सख्ती शुरू हुई तो प्रवासी मजदूरों ने लाकडाउन के भय से पलायन शुरू कर दिया है।
पीतलनगरी स्टेशन प्रभारी चंद्रभान सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रयास कर रहा है। मजदूरों को डरने की जरूरत नहीं है और अफवाहों से दूर रहना होगा। मजदूर निडर होकर और कोविड नियमों का पालन करते हुए काम करें। प्रशासन की तरफ से उनको हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उनको घर जाने के लिए प्रतिदिन 7-8 से बसें लखनऊ के लिए चल रही हैं।
