बरेली: अगली कक्षा में प्रमोट करने की छात्र कर रहे मांग

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते परीक्षाएं 15 मई तक स्थगित कर दी गई हैं। भविष्य में परीक्षाएं होंगी, इसको लेकर भी असमंजस बना हुआ है। ऐसे में एक बार फिर छात्रों को प्रमोट करने की मांग उठने लगी है। लखनऊ विश्वविद्यालय के द्वारा शासन से इसको लेकर दिशा-निर्देश मांगे गए …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते परीक्षाएं 15 मई तक स्थगित कर दी गई हैं। भविष्य में परीक्षाएं होंगी, इसको लेकर भी असमंजस बना हुआ है। ऐसे में एक बार फिर छात्रों को प्रमोट करने की मांग उठने लगी है। लखनऊ विश्वविद्यालय के द्वारा शासन से इसको लेकर दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। इसके बाद एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र भी मांग करने लगे हैं।

कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर इस संबंध में पोस्ट भी शेयर की हैं। विश्वविद्यालय के अधिकारी अभी कुछ दिनों तक शासन के निर्देशों के साथ कोरोना की स्थिति को देख रहे हैं। यदि हालात नहीं बिगड़े तो विश्वविद्यालय भी कोई न कोई तैयारी करेगा।

बता दें कि पिछले वर्ष कोरोना की वजह से परीक्षाएं निरस्त कर दी गई थीं। सिर्फ अंतिम वर्ष की परीक्षाएं ही आयोजित की गई थीं लेकिन परीक्षा का समय दो घंटे ही किया गया था। स्नातक प्रथम व द्वितीय वर्ष और परास्नातक के प्रथम वर्ष के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था। इसकी वजह से विश्वविद्यालय का सत्र भी देरी से शुरू हुआ था।

कोरोना की वजह से करीब 8 महीने तक शिक्षण कार्य प्रभावित रहा था। उसके बाद चार महीने तक पढ़ाई हुई और परीक्षाओं की तैयारी भी शुरू हो गई थी लेकिन एक बार फिर से परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। जिस तरह के हालात हैं, उससे भी नहीं लग रहा है कि परीक्षाएं हो सकेंगी। ऐसे में छात्रों को प्रमोट करना पड़ सकता है। लखनऊ में हालात ज्यादा खराब हैं, इसकी वजह से लखनऊ विश्वविद्यालय ने शासन ने छात्रों को प्रमोट करने के संबंध में दिशा-निर्देश मांगे हैं। जैसे ही इसके बारे में छात्रों को पता चला तो बरेली में भी छात्रों ने अगली कक्षा में प्रमोट करने की मांग शुरू कर दी है।

इसके लिए छात्र फेसबुक व टिवटर पर अन्य छात्रों का सपोर्ट भी मांग रहे हैं। शासन से भी 20 अप्रैल को मुख्य परीक्षाओं के संबंध में सभी विश्वविद्यालयों से कार्ययोजना मांगी है। इसके तहत परीक्षाएं कैसे करायी जा सकती हैं और छात्रों को कैसे प्रमोट किया जा सकता है, इस संबंध में रिपोर्ट भेजी जाएगी। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते विश्वविद्यालय के अधिकांश अधिकारी अपने गृह जनपद को रवाना हो गए हैं। सिर्फ वही शिक्षक व अधिकारी ही जिले में रह गए हैं, जिन्होंने बरेली में ही अपना आवास बना लिया है।

छात्रावास हो चुके हैं खाली
कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रावासों को पहले ही खाली करने के आदेश दे दिए थे। धीरे-धीरे सभी छात्रावास खाली हो गए हैं। जिस तरह के हालात हैं, उससे तो साफ है कि जल्द छात्रों की वापसी नहीं होगी। ऐसे में इन छात्रावासों का इस्तेमाल आइसोलेशन वार्ड के रूप में किया जा सकता है। विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारी इसको लेकर विचार विमर्श भी कर रहे हैं। एक छात्रावास नया बना है, जिसकी हालत काफी अच्छी है। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से राय लेने के बाद इस संबंध में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी बात की जाएगी।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का हो सकता है इस्तेमाल
विश्वविद्यालय में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। इसका इस्तेमाल भी आपदा में किया जा सकता है। विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी व अन्य व उनके परिवाार से जुड़े लोगों को यहां से मदद भी पहुंचायी जा सकती है। यहां पर आक्सीजन सिलिंडर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं, ताकि जरूरत पर मरीजों को पहुंचाया जा सके।

संबंधित समाचार