बरेली: देर शाम तक जलती रहीं चिताएं, 19 और संक्रमितों की अंत्येष्टि

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कोरोना से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को संजयनगर और सिटी श्मशान भूमि दोनों जगहों पर 58 शव पहुंचे। इसमें 16 लोगों की मौत कोरोना से होना बताया जा रहा है, क्योंकि इन शवों का अंतिम संस्कार कोरोना नियमों के तहत किया गया। शवों की संख्या काफी बढ़ …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को संजयनगर और सिटी श्मशान भूमि दोनों जगहों पर 58 शव पहुंचे। इसमें 16 लोगों की मौत कोरोना से होना बताया जा रहा है, क्योंकि इन शवों का अंतिम संस्कार कोरोना नियमों के तहत किया गया। शवों की संख्या काफी बढ़ जाने से उनके दाह संस्कार के लिए चिताएं चबूतरे पर बनाने के बजाय नीचे जमीन पर बनानी पड़ रही हैं।

बुधवार को दोनों श्मशान भूमि पर यह सिलसिला देखने को मिला। कोविड नियमों का पूरी तरह से अनुपालन न होने से यहां संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

संजयनगर श्मशान भूमि पर अंत्येष्टि देर शाम तक होती रही। इसकी वजह से यहां कई शवों के अंतिम संस्कार के लिए चिताएं श्मशान भूमि पर चबूतरे के बजाय जमीन पर लगाई गईं। बताते हैं कि सुबह पांच बजे श्मशान भूमि का गेट खुलने के कुछ ही देर बाद अंत्येष्टि के लिए लोग शव लाने लगे। इसके बाद दिनभर चिताएं जलती रहीं।

बुधवार को भी कोविड नियमों का अनुपालन पूरी तरह से होता नहीं दिखाई दिया। संक्रमित शव के आने वाले ज्यादातर लोगों के पीपीई किट न पहनने से उन पर संक्रमण का खतरा मंडराता रहा। गंभीर बात यह है कि श्मशान भूमि पर कोविड नियमों का अनुपालन के लिए न तो जिला प्रशासन से नामित मजिस्ट्रेट और न ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही दिखाई दे रहे हैं। संजयनगर श्मशान भूमि के प्रबंधक भगवान स्वरूप ने बताया कि बुधवार को 29 शवों की अंत्येष्टि हुई। इसमें नौ शव कोरोना संक्रमित मिले हैं।

उधर सिटी श्मशान भूमि के सुपरवाइजर त्रिलोकीनाथ शर्मा ने बताया कि यहां बुधवार को कुल 29 शव अंत्येष्टि के लिए आए थे। इसमें सात लोगों की मृत्यु कोरोना के संक्रमण से हुई थी। उन्होंने बताया कि कोई शव वापस नहीं किया गया लेकिन चबूतरे कम होने से कुछ चिताएं नीचे जमीन पर लगाई गईं। उधर गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि ट्रस्ट के महामंत्री दिनेश द्ददा ने बताया कि बुधवार को चार शवों का दाह संस्कार हुआ। इसमें दो लोगों की मृत्यु कोरोना से हुई थी।

अंत्येष्टि के लिए देर शाम तक नहीं पहुंचाया जा सका शव
संजयनगर श्मशान भूमि पर एक निजी अस्पताल में कोरोना से एक मरीज की मृत्यु हो गई थी। घर वालों ने संजयनगर श्मशान भूमि तक शव को शाम 8 बजे तक लाने को कहा था, लेकिन शव 8.30 बजे तक भी नहीं लाया जा सका तो श्मशान स्थल के कर्मचारियों ने शव को सुबह 5 बजे लाने को कहते हुए चले गए।

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