SC ने कोरोना की स्थिति को बताया ‘राष्ट्रीय आपातकाल’, वेदांता की याचिका पर सुनवाई कल
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने देश में कोविड-19 से संबंधित स्थिति को बृहस्पतिवार को ”राष्ट्रीय आपातकाल” करार दिया और हजारों टन ऑक्सीजन के उत्पादन तथा रोगियों के लिए इसकी नि:शुल्क आपूर्ति जैसे आधार पर तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित स्टरलाइट कॉपर इकाई को खोलने के वेदांता समूह के आग्रह पर सुनवाई को सहमत हो गया। न्यायालय ने …
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने देश में कोविड-19 से संबंधित स्थिति को बृहस्पतिवार को ”राष्ट्रीय आपातकाल” करार दिया और हजारों टन ऑक्सीजन के उत्पादन तथा रोगियों के लिए इसकी नि:शुल्क आपूर्ति जैसे आधार पर तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित स्टरलाइट कॉपर इकाई को खोलने के वेदांता समूह के आग्रह पर सुनवाई को सहमत हो गया। न्यायालय ने कहा कि वह याचिका पर कल सुनवाई करेगा।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने तमिलनाडु सरकार की आपत्ति को नहीं माना जिसने शुरू में वेदांता की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने और इसे खोले जाने का विभिन्न आधारों पर विरोध किया तथा यह भी कहा कि शीर्ष अदालत इस तरह के अनुरोध को पूर्व में खारिज कर चुकी है।
पीठ ने कहा कि हम यह सब समझते हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि संयंत्र सभी पर्यावरण नियमों का पालन करे और इसकी ऑक्सीजन उत्पादन इकाई को काम करने की अनुमति दी जाएगी। हम ऑक्सीजन संयंत्र के मुद्दे पर हैं। न्यायालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई में कहा कि देश में लगभग राष्ट्रीय आपातकाल है और आप (तमिलनाडु सरकार) समाधान की बात नहीं करते। हम इस पर (वेदांता की याचिका) कल सुनवाई करेंगे।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि देश को ऑक्सीजन की अत्यंत आवश्यकता है और केंद्र प्रत्येक स्रोत से ऑक्सीजन प्राप्त कर रहा है। वेदांता अपने संयंत्र को शुरू करना चाहता है, लेकिन वेदांता को केवल स्वास्थ्य उद्देश्यों के लिए ऑक्सीजन उत्पाद करने के वास्ते इसे (संयंत्र) शुरू करने की अनुमति दीजिए। मेहता ने कहा कि पर्यावरण रक्षा और जीवन रक्षा चुनने के मुद्दे पर हमें अवश्य ही जीवन रक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
वेदांता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि याचिका पर आज ही तत्काल सुनवाई की जानी चाहिए क्योंकि रोजाना लोग मर रहे हैं और हम कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए ऑक्सीजन का उत्पादन एवं आपूर्ति कर सकते हैं। साल्वे ने कहा कि यदि आज आप हमें अनुमति दे देते हैं तो हम पांच से छह दिन में काम शुरू कर सकते हैं। कंपनी हर रोज कई टन ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकती है और यह इसकी नि:शुल्क आपूर्ति को तैयार है।
तमिलनाडु सरकार ने हालांकि रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी द्वारा कोई भी ऑक्सीजन उत्पादन दो से चार सप्ताह से पहले शुरू नहीं किया जा सकता। पीठ अंतरिम आवेदन पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत ने पूर्व में खनन दिग्गज वेदांता की तूतीकोरिन स्थित स्टरलाइट कॉपर इकाई से संबंधित याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया था जो प्रदूषण संबंधी चिंताओं के चलते मई 2018 से बंद है।
न्यायालय ने पिछले साल दो दिसंबर को वेदांता लिमिटेड की अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें स्टरलाइट कॉपर संयंत्र का निरीक्षण करने और प्रदूषण स्तर का आकलन करने के वास्ते एक महीने के लिए काम करने की अनुमति मांगी थी। इकाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के चलते पुलिस की गोलीबारी में 13 लोगों के मारे जाने के बाद तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 23 मई 2018 के आदेश पर वेदांता के कॉपर संयंत्र को बंद कर दिया गया था।
