मुरादाबाद: जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी में चार गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

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मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना संकट के दौर से जूझ रहे लोगों को राहत देने के बजाय निजी अस्पतालकर्मी कालाबाजारी में जुट गए हैं। उनके द्वारा जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी कर कई गुना दामों में जरूरतमंदों को बेचा जा रहा है। कालाबाजारी के इस खेल का खुलासा मझोला थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच ने मंगलवार की …

मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना संकट के दौर से जूझ रहे लोगों को राहत देने के बजाय निजी अस्पतालकर्मी कालाबाजारी में जुट गए हैं। उनके द्वारा जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी कर कई गुना दामों में जरूरतमंदों को बेचा जा रहा है। कालाबाजारी के इस खेल का खुलासा मझोला थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच ने मंगलवार की रात को किया। टीम ने दबिश देकर जीवनरक्षक दवाओं के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनमें दो महानगर के नामचीन निजी अस्पताल में काम करते हैं। पुलिस ने चारों का चालान कर दिया है। अन्य की तलाश की जा रही है।

बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन व जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी रोकने के लिए एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया था। मझोला थाना क्षेत्र के लाइनपार चाऊ की बस्ती निवासी विनीत कुमार ने बताया कि उसके भाई कोरोना संक्रमित हैं। उनको दिल्ली रोड स्थित एक नामचीन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विनीत के अनुसार डाक्टरों ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की व्यवस्था करने को कहा। काफी प्रयास के बाद भी इंजेक्शन का जुगाड़ नहीं हो सका। इस बीच अस्पताल में तैनात कर्मचारी ने 25 हजार रुपये में इंजेक्शन देने की बात कही थी। इस पर विनीत ने इंजेक्शन की कालाबाजारी की शिकायत एसएसपी द्वारा जारी किए गए व्हाट्सएप नंबर पर कर दी। उन्होंने तुरंत एएसपी अनिल कुमार यादव को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एएसपी ने मझोला थान व क्राइम ब्रांच के साथ टीम बनाकर अस्पताल के पास दबिश देकर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

जरूरतमंदों को महंगे दाम पर बेचते थे दवायें
बुधवार को पुलिस लाइन में एएसपी अनिल कुमार यादव ने कालाबाजारी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि कामरान निवासी कस्बा ऊमरी थाना कांठ, सद्दाम हुसैन निवासी कस्बा राजपुर थाना जसपुर जनपद ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड, पीयूष निवासी गंज बाजार नीम की प्याऊ थाना सदर कोतवाली और जीवन निवासी ग्राम ककरौआ, थाना शहजाद नगर जनपद रामपुर को गिरफ्तार किया गया है। चारों के पास से दो रेमडेसिविर के भरे व दो खाली इंजेक्शन, फैबिफ्लू की 12 टेबलेट और 62 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। गिरोह के अन्य साथी फरार हो गए। एएसपी के अनुसार आरोपी कामरान और पीयूष दिल्ली रोड स्थित एक नामचीन निजी अस्पताल में काम करता है। जबकि सद्दाम कांठ रोड स्थित निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के पद पर कार्यरत हैं और जीवन पाकबड़ा क्षेत्र में दिल्ली हाईवे स्थित एक नामचीन अस्पताल में कार्यरत हैं। सद्दाम और जीवन अपने अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन व फैबिफ्लू टेबलेट चोरी कर कामरान को बेचते थे। बाद में कामरान व पीयूष जरूरतमंदों को महंगे दामों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते। इस काम में इनका एक अन्य साथी बिलारी के नई सड़क निवासी रिक्की ठाकुर भी साथ देता है। जबकि पीयूष और जीवन अस्पतालों के बाहर घूमकर ग्राहकों की तलाश करते थे। जैसे ही ग्राहक फंसता था ये लोग मोटे दाम वसूलकर दवायें उन्हें बेच देते थे। एएसपी ने बताया कि चारों के खिलाफ धारा 420, 379, 411, 10/18ए/27 औषधि व प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940, 96 औषधि व प्रसाधन अधिनियम 1945, 52/53 आपदा प्रबंधन अधिनियम, 3 महामारी अधिनियम 1897 के तहत मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया है।

आरोपियों पर लगाई जाएगी रासुका
खुलासा करते हुए एएसपी ने बताया कि चारों आरोपियों पर रासुका लगाने के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में शासन ने निर्देश दिए थे कि कोरोना पीड़ितों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवायें, इंजेक्शन और आक्सीजन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर और रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने प्रदेश के सभी जनपदों के एसएसपी और एसपी को निर्देश देते हुए एक पत्र भी जारी किया था।

कालाबाजारी करने वालों को पकड़ने वाली टीम को मिलेगा इनाम
कोरोना संकट के दौर में जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। यह इनाम पाकबड़ा थाना क्षेत्र में दिल्ली हाईवे स्थित नामचीन निजी अस्पताल के प्रबंधन ने देने की घोषणा की है। इस अस्पताल में कार्यरत जीवन इस कालाबाजारी गिरोह का अहम हिस्सा था, जिसे टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।

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