बरेली: हौसले के साथ पंचायत चुनाव में फर्ज निभा रहीं महिलाएं

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जिले में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भर होने की राह पर चल पड़ी हैं। चौका-चूल्हा संभालने वाली महिलाएं पुरुषों की तरह राशन की दुकान से लेकर बिजली के बिल तक की वसूली घर-घर जाकर कर रही हैं। वहीं कोरेना काल में संकट की इस घड़ी में जहां लोग चुनावी ड्यूटी से बच …

बरेली, अमृत विचार। जिले में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भर होने की राह पर चल पड़ी हैं। चौका-चूल्हा संभालने वाली महिलाएं पुरुषों की तरह राशन की दुकान से लेकर बिजली के बिल तक की वसूली घर-घर जाकर कर रही हैं। वहीं कोरेना काल में संकट की इस घड़ी में जहां लोग चुनावी ड्यूटी से बच रहे हैं। वहीं संकट की घड़ी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं हौसले के साथ फर्ज को निभा रहीं हैं।

वहीं चुनाव में देशी खाने का वितरण कर न सिर्फ खुद रोजगार पा रही हैं बल्कि गांव की महिलाओं को रोजगार देने में मदद भी कर रही हैं। नवाबगंज ब्लाक के ग्रेम गांव निवासी रेखा गंगवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इनके पति वीरेंद्र मजदूरी करते हैं। रेखा बताती हैं उनके आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। पिछले दिनों ब्लाक से पता चला कि एनआरएल के माध्यम से न सिर्फ उनकी जिंदगी सवर सकती है। बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

इसके बाद उन्होंने जय मां संतोषी के नाम से स्वंय समूह बनाया और छोटी-छोटी बचत जमा कर कार्य शुरू कर दिया। इसके तीन महीने बाद पंद्रह हजार रुपये रिवोल्बिंग के लिए फंड मिला। इसकी मदद से कार्य शुरू किए तो फिर छह महीने बाद समूह को एक लाख दस हजार की सरकार ने फंडिंग की। इस फंड से समूह से जुड़ी महिलाओं की आमदनी बढ़ी तो महिलाओं का हौसला भी बढ़ गया।

डीपीएम आशुतोष शुक्ला ने बताया फंडिग के बाद इस समूह को पंचायत में देशी खाना बनाने का मौका मिला तो इससे उनकी स्थिति में काफी सुधार आया। इधर, खंड विकास अधिकारी ने समूह संचालिका रेखा गंगवार को बजट बढ़ाकर दिलाने की आश्वासन दिया है।

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