बरेली: अब प्लांट से सिर्फ अस्पतालों को ही होगी ऑक्सीजन की आपूर्ति
बरेली,अमृत विचार। जिले में संक्रमितों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए मंडलीय कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन को लेकर हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। रविवार के बाद सोमवार को फिर व्यवस्था बेपटरी हो गयी। ऑक्सीजन बैकअप पूरी तरह से खत्म होने के कारण करीब घंटे भर संक्रमित बिना ऑक्सीजन के हांफते रहे। हालांकि, …
बरेली,अमृत विचार। जिले में संक्रमितों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए मंडलीय कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन को लेकर हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। रविवार के बाद सोमवार को फिर व्यवस्था बेपटरी हो गयी। ऑक्सीजन बैकअप पूरी तरह से खत्म होने के कारण करीब घंटे भर संक्रमित बिना ऑक्सीजन के हांफते रहे। हालांकि, बाद में किसी तरह ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था की गई। इस दौरान संक्रमितों की जान पर बन आई। ऐसे में संक्रमितों के परिजनों ने भी निजी व्यवस्था से ऑक्सीजन सिलेंडर लाना शुरू कर दिया।
300 बेड अस्पताल में इन दिनों 100 से ज्यादा संक्रमित भर्ती हैं। इनमें 85 फीसदी संक्रमितों को ऑक्सीजन पर रखा गया है। कई दिनों से ऑक्सीजन को लेकर यहां गंभीर हालात बने हुए थे। ऑक्सीजन की कमी से संक्रमितों की जान न जाए, इसके लिए जिला महिला अस्पताल समेत जिले भर के सीएचसी और पीएचसी से भरे हुए ऑक्सीजन सिलेंडर 300 बेड अस्पताल में खपाए जा चुके हैं।
सोमवार को अस्पताल में कुछ ही घंटे का बैकअप बचा था। बैकअप शून्य के करीब पहुंचने पर हालात बिगड़ने लगे। आनन-फानन में गंभीर संक्रमितों को पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन से ऑक्सीजन दिया जाने लगा जिन संक्रमितों के ऑक्सीजन स्तर में सुधार हो चुका था, उनके लिए ऑक्सीजन बंद कर दी गई। वहीं, 12 घंटे के भीतर करीब तीन बार ऑक्सीजन सिलेंडरों को अस्पताल पहुंचाया गया।
“स्टाफ की ओर से ऑक्सीजन सप्लाई खत्म होने से कुछ देर पहले सूचना दी गई, जिसके बाद ऑक्सीजन सिलेंडरों का स्टॉक 300 बेड अस्पताल में पहुंचाया गया।” -डॉ. सुबोध शर्मा, एडीएसआईसी
28 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली फिर भी कमी बरकार
अस्पतालों में ऑक्सीजन की मारामारी के बीच रविवार देर शाम तक बरेली को 28 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हो गई थी। 6 मीट्रिक टन ऑक्सीजन काशीपुर से आई तो 16 मीट्रिक टन ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन से रेलवे जंक्शन पर आई, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते यह ऑक्सीजन भी कम पड़ गई। जिसकी वजह से आलम यह हो चुका है कि जिन नॉन कोविड अस्पताल में अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज ऑक्सीजन पर थे, उन्हें अवकाश कर घर भेज दिया गया है।
दोपहर तक काशीपुर से 6 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हो जाने के बाद एक हद तक स्थिति संभली, लेकिन शाम तक फिर से वही हालात हो गए, शाम को 16 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर एक्सप्रेस ट्रेन पहुंची तो प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इस गैस को निजी और सरकारी अस्पतालों में वितरित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. नितीश कुमार ने बताया कि 24 घंटे में जिले को 28 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति हुई है, इससे कुछ सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
