बरेली: कोरोना काल में अफसर सुस्त, माफिया एजेंटों से करा रहे खरीद

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी से बेहाल किसानों की सहूलियत देने के लिए सरकार की तमाम कोशिशें सिस्टम में बैठे अफसरों की सुस्ती के कारण भ्रष्टाचार की भेट चढ़ रही हैं। क्योंकि सरकारी क्रय केंद्रों पर आनलाइन प्रक्रिया से गेहूं खरीद और पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) से भुगतान व्यवस्था में माफिया ने सेंध लगा …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी से बेहाल किसानों की सहूलियत देने के लिए सरकार की तमाम कोशिशें सिस्टम में बैठे अफसरों की सुस्ती के कारण भ्रष्टाचार की भेट चढ़ रही हैं। क्योंकि सरकारी क्रय केंद्रों पर आनलाइन प्रक्रिया से गेहूं खरीद और पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) से भुगतान व्यवस्था में माफिया ने सेंध लगा रखी है। क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग और परिवहन ठेकेदारों की बड़ी भूमिका आज भी बनी हुई है। जिसके माध्यम से आज भी माफिया क्रय केंद्रों पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।

सूत्र बताते हैं कि एक ठेकेदार के नाम पर कई-कई क्रय केंद्रों पर माफिया अपने एजेंटों से गेहूं खरीद करवाते हैं। जबकि केंद्र प्रभारी सिर्फ मुखौटा भर हैं और इनका काम लैपटाप पर ऑनलाइन कार्रवाई पूरी करने में बीतता है। जिले में गेहूं खरीद के लिए 110 क्रय केंद्र खोले गए हैं। बताया जाता है कि सरकारी एजेंसियों से की जाने वाली गेहूं और धान खरीद में लगातार गड़बड़ियों के मामले उजागर होते रहे हैं।

कई नामी एजेंसियों के जिला प्रबंधक तक कार्रवाई के लपेटे में आए, इस पर सरकारी खरीद में धांधली को रोकने के लिए इस वर्ष गेहूं खरीद में शत प्रतिशत पारदर्शिता लाने का दावा करते हुए सरकार ने सभी एजेंसियों पर पीएफएमएस से भुगतान करने का नियम कड़ाई से लागू किया। इतना ही नहीं पॉश मशीन की भी केंद्रों पर व्यवस्था की गई। वहीं,100 क्विंटल से अधिक उपज पर किसानों का एसडीएम से सत्यापन कराया जाता है।

बावजूद मीरगंज, बहेड़ी, नवाबगंज, फरीदपुर के केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायतें तमाम हैं। लेकिन अधिकारी व तमाम कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने की वजह से अफसर और ज्यादा सुस्त हैं। निरीक्षण के नाम पर भी सिर्फ खानापूर्ति चल रही है। क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी के तार कहीं न कहीं ठेकेदारों से जुड़े बताए जाते हैं।

नवाबगंज मंडी में एक ठेकेदार के पास करीब छह क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग और परिवहन का ठेका बताया जाता है, जिसमें तीन रिठौरा और हाफिजगंज के प्रमुख क्रय केंद्र शामिल हैं। इसी तरह पीसीएफ आदि एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर भी ठेकेदार कई-कई क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदने की भूमिका में नजर आते हैं।

आरएमओ राममूर्ति वर्मा का कहना है केंद्रों पर हैंडलिंग और परिवहन के लिए अलग-अलग टेंडर के माध्यम से ठेके दिए जाते हैं। विपणन शाखा के क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग और परिवहन के लिए लखनऊ स्थित आरएफसी कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया होती है। अन्य एजेंसियां भी अपने अनुसार हैंडलिंग और परिवहन की व्यवस्था करती हैं।

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