बदायूं: अस्पतालों में बेड फुल, खेतों में करा रहे इलाज

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Edited By Amrit Vichar
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बिसौली/बदायूं, अमृत विचार। शासन और प्रशासन लाख दावे कर रहा हो कि ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत नहीं होने दी जाएगी और मरीज को हर हाल में अस्पताल में बेड मुहैया कराया जाएगा, लेकिन तस्वीर एकदम उलट है। मुख्यमंत्री बदायूं से मात्र 50 किमी की दूरी पर बरेली में कोरोना संक्रमण को …

बिसौली/बदायूं, अमृत विचार। शासन और प्रशासन लाख दावे कर रहा हो कि ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत नहीं होने दी जाएगी और मरीज को हर हाल में अस्पताल में बेड मुहैया कराया जाएगा, लेकिन तस्वीर एकदम उलट है। मुख्यमंत्री बदायूं से मात्र 50 किमी की दूरी पर बरेली में कोरोना संक्रमण को लेकर समीक्षा करने आए और यहां एक बुजुर्ग मरीज की सांस उखड़ने लगी।

परिजन जिला अस्पताल लाए लेकिन डॉक्टरों ने कह दिया कि बेड नहीं है। बुजुर्ग की उखड़ती सांसों को परिजन किसी तरह से पंप करके काबू करने का प्रयास करते रहे। कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया। मजबूर परिवार वाले गांव लौट गए। किसी तरह से एक ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम किया और अपने खेत में निजी डॉक्टर के माध्यम से बुजुर्ग की जिंदगी बचाने की कवायद शुरू की।

बिसौली क्षेत्र के गांव गहौरा निवासी बुजुर्ग की शनिवार को तबीयत खराब हो गई। उनको सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिजन बुजुर्ग को जिला अस्पताल लेकर आए। बुजुर्ग को ऑक्सीजन की जरूरत थी। परिजनों ने इलाज के लिए डॉक्टरों के हाथ-पैर जोड़े लेकिन डॉक्टरों ने दो टूक जवाब दे दिया कि बेड नहीं खाली है और आक्सीजन भी नहीं है मरीज को मेडिकल कॉलेज जाओ। मेडिकल कॉलेज में पहले से ही सभी बेड फुल हैं और ऑक्सीजन के लिए मारामारी मची है।

इस बीच बुजुर्ग की हालत और बिगड़ने लगी। बुजुर्ग का ऑक्सीजन लेबल 60 के करीब पहुंच गया जिससे परिजन घबरा गए। परिजनों ने उनके सीने को पंप करना शुरू कर दिया। जब बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया तो लेकर घर लौट गए। कहीं से सिलेंडर का इंतजाम किया। गांव के बाहर खेत में पेड़ के नीचे चारपाई डाल दी और निजी डॉक्टर की मदद से उनका उपचार शुरू कर दिया गया।बुजुर्ग की जान अभी खतरे में है लेकिन सिस्टम को इससे कोई मतलब नहीं है।

प्रशासन लाख दावे कर रहा हो कि किसी भी मरीज को ऑक्सीजन के अभाव में मरने नहीं दिया जाएगा लेकिन बुजुर्ग जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है। परिवार के लोग बुजुर्ग के ठीक स्वास्थ होने की दुआ कर रहे हैं। अगर बुजुर्ग को कुछ हो जाता है तो इसके लिए पूरी तरह से स्वास्थ्य महकमा जिम्मेदार होगा। खेत में इलाज कराने से संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ने का खतरा बना रहेगा लेकिन प्रशासन को इससे कोई मतलब नहीं है।

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