बरेली: दरगाह आला हजरत से ऐलान, ईद 14 मई को
बरेली, अमृत विचार। चांद के दीदार के लिए बुधवार को आसमान की ओर रोजेदारों की निगाहें टिकी रहीं लेकिन चांद नजर नहीं आया। जिसके बाद मरकजी दारुल इफ्ता दरगाह आला हजरत ने शुक्रवार को ईद-उल-फितर मनाने का ऐलान किया। ऐसे में तीस रोजों के बाद ईद का त्योहार मनाया जाएगा। दरगाह की ओर से सादगी …
बरेली, अमृत विचार। चांद के दीदार के लिए बुधवार को आसमान की ओर रोजेदारों की निगाहें टिकी रहीं लेकिन चांद नजर नहीं आया। जिसके बाद मरकजी दारुल इफ्ता दरगाह आला हजरत ने शुक्रवार को ईद-उल-फितर मनाने का ऐलान किया। ऐसे में तीस रोजों के बाद ईद का त्योहार मनाया जाएगा। दरगाह की ओर से सादगी के साथ ईद मनाने की अपील की गई है।
29वीं के चांद के दीदार के लिए बुधवार की शाम हर कोई अपने घर की छत से चांद के दीदार को बेकरार रहा। मरकजी दारुल इफ्ता दरगाह आला हजरत की ओर से भी चांद देखने की अपील की गई थी। दरगाह आला हजरत स्थित मरकजी दारुल इफ्ता की रुयते हिलाल कमेटी ने बताया कि 29 रमजान को चांद नजर नहीं आया और शरई शहादत भी नहीं मिली। इसलिए ईद-उल-फितर 14 मई यानि शुक्रवार को मनाई जाएगी।
काजी-ए-हिन्दुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी के हवाले से मरकजी दारुल इफ्ता के मुफ्ती अब्दुर्रहीम नश्तर फारूकी ने बताया कि बुधवार को आसमान साफ न होने के कारण बरेली या आसपास के किसी और जिले में चांद नजर नहीं आया। जमात के प्रवक्ता समरान खान ने बताया 13 मई को 30वां रोजा रखा जाएगा और 14 मई को ईद-उल-फितर मनाया जाएगा।
गरीबों में बांटें ईद की खुशियां : सुब्हानी मियां
ईद के मौके पर दरगाह आला हजरत प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने देश भर के मुसलमानों के नाम अपील जारी करते हुए कहा कि ईद को बेहद सादगी के साथ मनाएं। गरीबों व जरूरतमंदों की मदद करें।
दरगाह प्रमुख ने सभी लोगों को ईद-उल-फितर की मुबारकबाद देते हुए कहा कि ईद आपसी भाईचारे और खुशियों का त्योहार है लेकिन इस साल कोरोना महामारी ने लोगों से ईद की खुशियां छीन ली हैं। शायद ही कोई ऐसा शख्स बचा हो जिसने अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार को न खोया हो। कोरोना माहमारी से लोगों के रोजगार पर संकट आ गया है। देश में बहुत से लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। ऐसे में धूमधाम से ईद की खुशियां कैसे मनायें। बेहतर है कि गरीबों में ईद की खुशियां बांटें।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि इस मौके पर सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने कहा कि ऐसे मुश्किल वक़्त में सभी लोग सब्र और सादगी के साथ ईद मनायें। अल्लाह की बारगाह में तौबा करें। भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें। उन्होंने कहा कि रोजे का इनाम अल्लाह रोजेदारों को ईद के रूप में देता है।
ईद हमें इस बात की भी दर्स (शिक्षा) देती है कि हम अपने रब की रजा की खातिर खूब इबादत करें। ये इंसानियत का भी त्योहार है। मुफ्ती सलीम नूरी ने कहा कि हमारा मजहब हमें बताता है कि हमारी दौलत सिर्फ हमारी ही नहीं है। अगर उसकी जरूरत हमारे भाइयों, बहनों, रिश्तेदारों व पड़ोसियों को है तो वो उनकी भी है।
