बरेली: लॉकडाउन- महामारी ने फूल व्यापारियों के राह में बिछाए कांटे

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी ने फूलों का कारोबार करने वालों के रास्ते में कांटे बिछा दिए हैं। न शादी के मंडप सज रहे हैं, न मंदिर में देवताओं पर फूल अर्पित किए जा रहे हैं। दूल्हे की गाड़ियां भी नहीं सज रही हैं। समारोह भी नहीं हो रहे हैं। फूलों को पूरा कारोबार मुरझा …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी ने फूलों का कारोबार करने वालों के रास्ते में कांटे बिछा दिए हैं। न शादी के मंडप सज रहे हैं, न मंदिर में देवताओं पर फूल अर्पित किए जा रहे हैं। दूल्हे की गाड़ियां भी नहीं सज रही हैं। समारोह भी नहीं हो रहे हैं। फूलों को पूरा कारोबार मुरझा कर रह गया है। फूलों का कारोबार शहर में मुख्य रूप से श्यामगंज, कुतुबखाना, बिहारीपुरा, किला आदि जगहों पर काम होता है।

फूल कारोबारियों का कहना है कि शादियों की सहालग के बाद ईद पर फूलों की बिक्री बड़े पैमानी पर होती थी। सीजन में प्रतिदिन पांच से छह लाख रुपये का कारोबार होता था, लेकिन लाकडाउन की बंदिशों ने कारोबार चौपट कर दिया है। उनके मुताबिक फूलों का कारोबार अर्श से फर्श पर पहुंचना शुरू हो गया है। पिछले साल भी लाकडाउन में इस पेशे से जुड़े लोगों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। अब फिर वही पुनरावृत्ति हो गई है। पड़ोसी जनपदों से भी बड़े पैमाने पर फूलों को खरीदने के ऑर्डर मिलते थे लाकडाउन की बंदिशों के कारण नहीं मिले।

क्या कहते हैं फूल कारोबारी
पिछले साल महीनों बेपटरी रहे फूल कारोबारियों को सहालग से अच्छी उम्मीद थी, लेकिन इस बार फिर लाकडाउन के चलते होटल, बैंक्वेट हाल बंद है। जिसकी वजह से काफी आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा है। फूल के कारोबार में 90 फीसदी तक गिरावट आई है। विकास अग्रवाल, फूल कारोबारी

लाकडाउन ने हालत खराब कर दी है। कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। मंडप से लेकर पंडाल तक की सजावट में फूल इस्तेमाल होता है। सामाजिक संगठनों के कार्यक्रम, राजनीतिक आदि कार्यक्रमों में भी फूलों की सप्लाई होती है। सभी गतिविधिया बंद होने से तगड़ा झटका लगा है। -नंद किशोर, फूल कारोबारी

फूल बेचकर 700 से 800 रूपये प्रतिदिन कमा लेते थे। लेकिन कोरोना को लेकर जारी लाकडाउन में सब ठप हो गया है। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था, लोग घर पर ही पहुंच रहे थे। जिसके चलते अब कुछ दिनों से घर पर ही फूल मालाएं बनाकर बेच रहे हैं। -सुरेश, फूल कारोबारी

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