सबसे पहले भारत में पहचाने गए कोविड के B1 6172 स्वरूप ने ब्रिटेन में मचाई तबाही, एक सप्ताह में दोगुने हुए मामले
लंदन। कोविड-19 के B1 6172 स्वरूप के मामलों की संख्या ब्रिटेन में एक हफ्ते के भीतर दोगुनी हो गई है। इसके मद्देनजर देश के जिन हिस्सों में वायरस का यह स्वरूप तेजी से फैलने लगा है, वहां जांच और टीकाकरण में तेजी लाई जा रही है। कोविड-19 के B1 6172 स्वरूप की सबसे पहले भारत …
लंदन। कोविड-19 के B1 6172 स्वरूप के मामलों की संख्या ब्रिटेन में एक हफ्ते के भीतर दोगुनी हो गई है। इसके मद्देनजर देश के जिन हिस्सों में वायरस का यह स्वरूप तेजी से फैलने लगा है, वहां जांच और टीकाकरण में तेजी लाई जा रही है। कोविड-19 के B1 6172 स्वरूप की सबसे पहले भारत में पहचान की गई थी।
पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसके ताजा विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि वायरस के इस बेहद संक्रामक स्वरूप से पिछले सप्ताह 520 लोग संक्रमित हुए थे। यह संख्या इस सप्ताह बढ़कर 1313 हो गई। ज्यादातर मामले उत्तर पश्चिम इंग्लैंड और लंदन में पाए गए हैं और संक्रमण की इस कड़ी को तेजी से तोड़ने के लिये अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
कोविड-19 वायरस का यह स्वरूप सबसे पहले महाराष्ट्र में मिला था। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी बेहद सावधानी से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा अगर जरूरत पड़ी तो और कदम उठाने से नहीं हिचकिचाएंगे।
उन्होंने संकेत दिया कि सभी लॉकडाउन कदमों को हटाने की रूपरेखा का 21 जून को फिर से आकलन किया जा सकता है। हैनकॉक ने कहा, ”आंकड़े दर्शाते हैं कि क्यों हमने त्वरित और निर्णायक कदम उठाए हैं। वायरस के इस स्वरूप पर नियंत्रण के लिये सबको भूमिका निभानी है। इसमें जांच कराना, नियमों का पालन करना और टीका लेना शामिल है।”
