बरेली: नदियों में शवों को प्रवाहित करने से रोकेगा नगर निगम

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बरेली, अमृत विचार। कोरोना में बड़ी संख्या में शवों को नदी में बहाया जा रहा है। इसके अलावा घाटों पर भी अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसकी वजह से जल प्रदूषण का संकट भी बढ़ गया है। शासन ने नदियों में शवों के प्रवाह पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बरेली …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना में बड़ी संख्या में शवों को नदी में बहाया जा रहा है। इसके अलावा घाटों पर भी अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसकी वजह से जल प्रदूषण का संकट भी बढ़ गया है। शासन ने नदियों में शवों के प्रवाह पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बरेली में भी तैयारी पूरी कर ली गई है।

सोमवार को नगर निगम प्रशासन ने मेयर की अध्यक्षता में टीम गठित कर दी है। इसमें कई पार्षदों के साथ अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। यह सभी सदस्य व अधिकारी रामगंगा सहित दूसरी नदी के घाटों और श्मशान स्थलों पर निगरानी करने के साथ कोविड प्रोटोकॉल का भी अनुपालन कराएंगे।

कमेटी की बैठक में कहा गया कि शहर के श्मशान स्थलों पर कोविड गाइड लाइंस के तहत अंतिम संस्कार कराने की जिम्मेदारी संबंधी नोडल सदस्य और अधिकारी की रहेगी। तीनों ही प्रमुख श्मशान स्थल सिटी, संजयनगर व गुलाबबाड़ी में शवों के अंतिम संस्कार पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी सभी श्मशान स्थल पर नामित सदस्य और पर्यावरण अभियंता की होगी।

बैठक में इन्हीं दोनों को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि शासनादेश के तहत अगर किसी की मृत्यु कोरोना से होती है तो उसका शहरी क्षेत्र में आने वाले श्मशानों पर अंतिम संस्कार निशुल्क कराया जाएगा। साथ ही यहां कोविड नियमों के तहत अंतिम संस्कार कराने के लिए भी कड़ाई से अनुपालन कराए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। नदियों में कोविड व अन्य शवों को प्रवाहित करने से रोकने के लिए नदी घाटों की सतत निगरानी के लिए जिम्मेदारी संबंधित नामित पार्षद और प्रवर्तन दल के प्रभारी पर रहेगा।

पीपीई किट के निस्तारण की भी होगी जिम्मेदारी
श्मशान स्थलों और कोविड अस्पतालों के आसपास कोविड प्रोटोकॉल के तहत पीपीई किटों के निस्तारण के लिए जिम्मेदारी पर्यावरण अभियंता व नोडल अधिकारी दी गई। बैठक में पर्यावरण अभियंता, नोडल अधिकारी व स्टोर कीपर को निर्देशित किया गया है कि वे शहर के सभी श्मशानों में सैनेटाइजेशन का काम नियमित तौर से कराएंगे।

नदी में शव प्रवाह को रोकेंगे ये सदस्य
नदी में शव को प्रवाहित करने के रोकने के लिए गठित कमेटी में मेयर उमेश गौतम अध्यक्ष के साथ सदस्य के तौर पर पार्षद चित्रा मिश्रा, छंगामल मौर्य, अजय चौहान, मुनेंद्र यादव, कपिलकांत, महेश राजपूत, नरेश पटेल, अतुल कपूर, सुभाष वर्मा, राधे गुर्जर, अपर नगर आयुक्त अजीत सिंह और पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान को शामिल किया गया है।

नए श्मशान को विकसित करने का सौंपा जिम्मा
नगर निगम की ओर से छोटी बिहार, बड़ी बिहार व तुलाशेरपुर में विकसित किए जा रहे श्मशान स्थलों पर बाउंड्री वाल कराने की जिम्मेदारी पर्यावरण अभियंता व नोडल अधिकारी को दी गई है। गुलाबबाड़ी श्मशान में दो सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।

श्मशानों में निगरानी के लिए भी बनी कमेटी
बैठक में शासनादेश के अनुसार रामगंगा नदी घाट व शहर के श्मशाम स्थलों पर प्रभावी निगरानी व प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन के लिए सदस्यों और प्रवर्तन दल की ड्यूटी लगा दी गई है। इसमें रामगंगा नदी घाट पर नामित सदस्य पार्षद अजय चौहान व मुनेंद्र यादव, गुलाबबाड़ी श्मशान घाट पर छंगामल मौर्य, संजयनगर श्मशाम घाट पर संजय राय व कपितकांत, सिटी श्मशान घाट पर अजय चौहान व मुनेंद्र यादव, छोटी व बड़ी बिहारी श्मशान घाट पर नरेश पटेल और तुलाशेपुर श्मशान घाट पर पार्षद नरेश पटेल व राधे गुर्जर, ततारपुर श्मशान घाट पर अतुल कपूर व महेश राजपूत और सीबीगंज श्मशान घाट पर पार्षद सुभाष वर्मा व नरेश पटेल को जिम्मेदारी दी गई है। इनके साथ प्रवर्तन दल के जवानों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

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