मुरादाबाद : मौत का पुल अभी भी चालू, बारिश के बाद बढ़ा खतरा
मुरादाबाद,अमृत विचार। ताउते तूफान की चेतावनी के बाद भी रामगंगा नदी पर बना मौत का पुल बदस्तूर चालू है। इस चेतावनी के बाद बुधवार को दिन भर हुई बूंदाबांदी के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है। रामगंगा नदी में भी हलचल बढ़ गई है। इसके बाद भी मौत के पुल …
मुरादाबाद,अमृत विचार। ताउते तूफान की चेतावनी के बाद भी रामगंगा नदी पर बना मौत का पुल बदस्तूर चालू है। इस चेतावनी के बाद बुधवार को दिन भर हुई बूंदाबांदी के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है। रामगंगा नदी में भी हलचल बढ़ गई है। इसके बाद भी मौत के पुल पर होने वाले संचालन को लेकर प्रशासनिक अफसर संजीदा नहीं हैं। बुधवार को बूंदाबांदी के कारण पुल पर ‘रपटन’ बढ़ गई। फिर भी लोग ‘टोल टैक्स’ चुकाकर जान जोखिम में डालकर पुल पर सफर करते नजर आए।
ताउते तूफान ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। इस भयंकर तूफान को लेकर हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। पश्चिमी यूपी के अधिकतर जिलों में तूफान के अंदेशा के कारण हाईअलर्ट जारी करने के साथ ही नदियों किनारे के गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं। एक ओर शासन इस तूफान से बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है तो वहीं स्थानीय प्रशासनिक अफसर लोगों की जान बचाने को लेकर जागरुक नहीं है। इसका ताजा उदाहरण है नागफनी थाना क्षेत्र में रामगंगा नदी पर बना मौत का पुल।
तूफान की चेतावनी के बाद भी खामोश अफसर
नदी पर बना यह पुल सालों से संचालित हो रहा है। बारिश में जब नदी उफान पर होती है तो पुल हटा लिया जाता है। इसके बाद ग्रामीणों को नाव की मदद से पुल पार कराया जाता है। लेकिन अन्य मौसम में नदी का जलस्तर गिरने के बाद यह अवैध पुल फिर संचालित होने लगता है। एक ही परिवार द्वारा यह पुल सालों से संचालित हो रहा है। इस पुल से गुजरने वालों से बाकायदा 5 से 25 रुपए तक का टोल टैक्स वसूला जाता है। कई दिनों से मौत के पुल पर हो रहे जानलेवा सफर को रोकने के लिए प्रशासन को चेताया जा रहा है लेकिन अफसर केवल दावा करके खामोशी से बैठ जाते हैं।
हैरानी की बात तो यह है कि ताउते तूफान की चेतावनी के बाद भी अफसर सचेत नहीं हो रहे हैं। इस चेतावनी के बाद जब बुधवार को मौका-मुआयना किया गया तो पुल संचालित होता मिला। तूफान की चेतावनी के बाद बुधवार को दिन भर हुई बूंदाबांदी के बाद भी मौत के पुल पर सफर जारी रहा। तमाम बाइक सवार लोग टोल टैक्स चुकाने के बाद महिलाओं व बच्चों संग फिसलन भरे पुल पर जान जोखिम में डालकर वाहन गुजारते नजर आए। जबकि हकीकत में फिसलन के कारण यह पुल काफी खतरनाक हो गया है। वहीं मौसम विभाग ने अभी दो दिन बारिश होने के आसार जाहिर किए हैं। अगर ऐसा होता है तो रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ पुल पर सफर जानलेवा साबित होगा। अब ऐसे में सवाल यह है कि आखिर क्या वजह है कि प्रशासनिक अफसर इस मौत के पुल को बंद कराने के लिए संजीदा नहीं हैं।
