मुरादाबाद : टीकाकरण व योग के जरिए बच्चों को बनाएंगे निरोगी
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए शासन संजीदा हुआ है। खासतौर पर वे बच्चे जो घुमंतू परिवारों से संबंध रखते हैं या फिर बेसहारा हैं। ऐसे बच्चों को बाल गृह व संस्थाओं में भेजकर टीकाकरण व योग के जरिए निरोगी बनाने की पहल की गई है। इतना …
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए शासन संजीदा हुआ है। खासतौर पर वे बच्चे जो घुमंतू परिवारों से संबंध रखते हैं या फिर बेसहारा हैं। ऐसे बच्चों को बाल गृह व संस्थाओं में भेजकर टीकाकरण व योग के जरिए निरोगी बनाने की पहल की गई है। इतना ही नहीं, सरकारी अस्पतालों में ऐसे बच्चों के लिए पलंग आरक्षित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अगर कोई बच्चा संक्रमित मिलता है तो उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कर उपचार करने के निर्देश हैं। इसके लिए ऐसे सभी स्थलों पर जहां अनाथ व बेसहारा बच्चे रहते हैं, कोरोना जांच कराने के साथ ही टीका लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
अभी तक कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर काफी खतरनाक साबित हो चुकी है। इस बार तो कोरोना संक्रमण के बीच हुई आक्सीजन की कमी ने भी लोगों की जान लेनी शुरू कर दी। संक्रमण और ऑक्सीजन की किल्लत के कारण जनपद भर में करीब दो सौ लोग जान गंवा चुके हैं। यह ही वजह रही कि ऑक्सीजन सिलेंडर से लेकर जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी अपने चरम पर पहुंच गई।
हालांकि अब हालात थोड़ा काबू में आते नजर आ रहे हैं। लेकिन, अब ब्लैक फंगस ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में अभी तक कई लोग ब्लैक फंगस की चपेट में आ चुके हैं। जांच में पता चला कि जो लोग इस की चपेट में आए, वे पहले कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। लिहाजा चुनौती बन चुके कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लाकडाउन लगाने के साथ ही वैक्सीनेशन का काम भी जोरों पर चल रहा है। अब तक शासन का फोकस 18 साल से अधिक आयु वालों पर था, पर अब शासन ने बच्चों की भी सुध ली है। खासतौर पर ऐसे बच्चे जो अनाथ और बाल गृहों में रहकर जीवन बिता रहे हैं या फिर घुमंतू परिवार से जुड़े हैं।
10 से लेकर 100 पलंग तक होंगे आरक्षित
ऐसे बच्चों को त्वरित उपचार दिलाने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में पलंग आरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन से मिली गाइडलाइन के अनुसार जिले के अस्पतालों में 10 से 15, मेडिकल कालेजों में 25 से 30 व मंडल मुख्यालय में 100 बेड आरक्षित किए जाएंगे। इसके अलावा बाल गृहों में रहने वाले बच्चों को टीका लगाने के साथ ही योग के जरिए निरोगी बनाया जाएगा। अगर कोई बच्चा अनाथ मिलता है तो उसे बेहतर देखभाल के लिए चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया जाएगा। शासन से इस संबंध में दिशा निर्देश मिलने के बाद बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता ने वर्चुअल बैठक कर मौजूदा स्थितियों की समीक्षा भी शुरू कर दी है।
अध्यक्ष बाल संरक्षण आयोग डा. विशेष गुप्ता ने बताया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार बच्चों को कोरोना संक्रमण की चपेट से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सहारनपुर, मेरठ व मुरादाबाद मंडल के अफसरों को वर्चुअल मीटिंग के जरिए दिशा-निर्देश भी दिए जा चुके हैं।
