मुरादाबाद: पाकबड़ा में अवैध नर्सिंग होम पर अफसरों का छापा, सील
मुरादाबाद, अमृत विचार। पाकबड़ा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम पर प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने छापा मारा। कार्रवाई होते ही अस्पताल में मौजूद स्टाफ फरार हो गया। हत्थे लगे युवक से टीम ने जब अस्पताल से संबंधित प्रपत्र मांगे तो उसने जानकारी होने से इंकार कर दिया। प्रपत्र न मिलने …
मुरादाबाद, अमृत विचार। पाकबड़ा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम पर प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने छापा मारा। कार्रवाई होते ही अस्पताल में मौजूद स्टाफ फरार हो गया। हत्थे लगे युवक से टीम ने जब अस्पताल से संबंधित प्रपत्र मांगे तो उसने जानकारी होने से इंकार कर दिया। प्रपत्र न मिलने पर भर्ती मरीज को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराने के बाद नर्सिंग होम को सील कर दिया गया। वहीं भवन स्वामी व अस्पताल में मिले युवक को टीम ने पाकबड़ा पुलिस के सुपुर्द कर दिया। खबर लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी चल रही थी।

पाकबड़ा क्षेत्र में निजी अस्पतालों की भरमार है। डींगरपुर रोड पर तो यह आलम है कि करीब एक किलोमीटर के दायरे में कई अस्पताल लंबे समय से संचालित हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बाद से तो इन अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है। अधिकतर अस्पतालों में सभी घिरे चल रहे हैं। कई बार इन अस्पतालों में मरीज की मौत या फिर इलाज में लापरवाही होने पर हंगामे भी हो चुके हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर खामोश हैं।

क्षेत्रीय लोगों का दावा है कि अधिकतर अस्पतालों के बाहर बोर्ड में नाम तो चिकित्सक का लिखा होता है, जबकि उपचार झोलाछापों द्वारा किया जाता है। कैलशा रोड, नई बस्ती स्थित अस्पताल का वीडियो किसी ने अधिकारियों को भेजा था। शिकायतकर्ता ने अस्पताल को अवैध बताया था, साथ ही उसका कहना था कि कुछ दिनों पहले शुरू हुए अस्पताल में अभी तक बोर्ड भी नहीं लगा है।

एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने मारा छापा
इस शिकायत के बाद गुरुवार को एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी, तहसीलदार नितिन तेवतिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। बताते हैं कि जैसे ही टीम अस्पताल में पहुंची तो मौजूद स्टाफ बहाना बनाकर निकल गया। केवल एक युवक वहां पर मौजूद मिला। टीम ने जब उससे पूछताछ की तो वह सही जानकारी नहीं दे सका। अस्पताल से संबंधित प्रपत्रों के बारें में भी कुछ नहीं बता सका। कई दिनों से संचालित होने के बाद भी बोर्ड न लगा होने के सवाल पर भी वह कोई जवाब नहीं दे सका। इस पर टीम ने वहां भर्ती मरीज को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने के बाद सील कर दिया। वहीं मकान स्वामी व युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी ने बताया कि नर्सिंग होम के अवैध तरीके से संचालित होने की शिकायत मिली थी। छापे के दौरान कोई जिम्मेदार नहीं मिला। एक युवक मिला भी लेकिन वह कोई सही जानकारी नहीं दे सका। फिलहाल क्लीनिक सील कर दिया गया है। प्रपत्र नहीं मिले तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
