रोडवेज कर्मचारी संगठन ने की एमडी से 50 फीसदी यात्री लोड फैक्टर का नियम रद्द करने की मांग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम रोडवेज में तैनात लगभग 55000 कर्मियों की 11 सूत्रीय समस्याओं को लेकर सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संगठन ने एजेंडा तैयार किया है। इस एजेंडे में निगम हित और कर्मचारी हित दोनों को रखा गया है। जिमसें रोडवेज के करीब 32 हजार संविदा वहीं 23 हजार नियमित कर्मियों की …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम रोडवेज में तैनात लगभग 55000 कर्मियों की 11 सूत्रीय समस्याओं को लेकर सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संगठन ने एजेंडा तैयार किया है।
इस एजेंडे में निगम हित और कर्मचारी हित दोनों को रखा गया है। जिमसें रोडवेज के करीब 32 हजार संविदा वहीं 23 हजार नियमित कर्मियों की समस्याएं भी जुड़ी हैं। इन सभी समस्याओं को लेकर रोडवेज संगठन ने समस्याओं का एजेंडा रोडवेज के प्रबंध निदेशक धीरज साहू को सौंपा है।
कई मुद्दों पर तत्काल निर्णय लिए जाने की बात कहीं गई है। ताकि कोरोना महामारी के बीच निगम और कर्मचारी दोनों सुरक्षित रह सके। इस संबंध में सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ उप्र के प्रदेश महामंत्री जसवंत सिंह ने प्रदेश भर के कर्मियों के साथ बातचीत करके एजेंडा तैयार करके एमडी को शीघ्र ही समाधान करने की अपील की है।
रोडवेज कर्मियों की ये हैं मुख्य मांगे
-परिवहन निगम के मार्गो पर निजी वाहनों के परमिट पर रोक लगाई जाए।
-संविदा से कम होते नियमित कर्मियों में 10 हजार कर्मियों की भर्ती की जाए।
-कोरोना महामारी में संविदा के चालकों व परिचालकों का शोषण खत्म हो।
-हर वर्ष 10 फीसदी वेतन में बढ़ोतरी व फिक्स वेतन का लाभ सभी को मिले।
-नियमित कर्मचारियों के वेतन में 13 फीसदी महंगाई भत्ता जोड़कर दिया जाए।
-कलपुर्जो की कमी दूर करके डिपो पर खड़ी बसों को सड़क पर उतारा जाए।
