हारकर भी नहीं हारता कोरोना… ठीक हो चुके लोग आ रहे डायबिटीज की चपेट में
बरेली, अमृत विचार। जनपद में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में संक्रमित हुए लोगों ने कोरोना को मात तो दे दी लेकिन वे अभी भी खांसी, थकान जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। यह समस्या सिर्फ इन्हीं के साथ नहीं है, बल्कि कोरोना को हरा चुके अधिकांश मरीज ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। 10 …
बरेली, अमृत विचार। जनपद में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में संक्रमित हुए लोगों ने कोरोना को मात तो दे दी लेकिन वे अभी भी खांसी, थकान जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। यह समस्या सिर्फ इन्हीं के साथ नहीं है, बल्कि कोरोना को हरा चुके अधिकांश मरीज ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
10 फीसदी मरीज तो ऐसे हैं जिन्हें कोरोना के बाद डायबिटीज जैसी बीमारी हो गया। कोरोना की दूसरी लहर में जिले में लगभग हजारों लोग कोरोना संक्रमित हुए। कोरोना को हरा चुके लोग डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। जो लोग कोरोना संक्रमण से बचे रहे, वे घरों में रहते हुए चिड़चिड़ापन, तनाव व नींद न आने जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं।
700 मरीजों में बीस फीसद हुए डायबिटिक का शिकार
300बेड कोविड अस्पताल में इस वर्ष करीब 700 मरीज भर्ती हुए। जब मरीजों की ब्लड की जांच कराई तो शुगर स्तर सामान्य से अधिक पाया गया। 300बेड अस्पताल में भर्ती 20 फीसद मरीजों में माइल्ड डायबिटीज के लक्षण पाए गए। वहीं, जिला अस्पताल के फिजियिशन डा. राहुल बाजपेई के अनुसार जो मरीज कोरोना का हरा चुके हैं, उनमें से 10 फीसदी मरीज हाई डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 10 फीसदी मरीज जब कमजोरी, जोड़ों में दर्द, खांसी जैसी शिकायतें लेकर आते हैं तो वे अधिकांश मरीजों को डायबिटीज की जांच कराने का परामर्श देते है। यह लक्षण कोरोना को हरा चुके कई मरीजों में अधिक देखने को मिल रहे हैं। कुछ लोगों में ठीक होने के बाद ऑक्सीजन की कमी भी देखने को मिल रही हैं। वहीं, कामकाजी और ऐसे व्यापारी जो कोरोना से सुरक्षित रहे, वे भी कोरोना के भय से चिड़चिड़ापन, नींद न आने जैसी शिकायतें लेकर आ रहे हैं।
