आप दुनिया में कहीं भी जा सकेंगे या नहीं यह तय करेगा कि कौन सी वैक्सीन आपने लगवाई है…
न्यू वर्ल्ड ऑर्डर का खेल शुरू हो गया है अगर एस्ट्राजेन्का की वैक्सीन कोविशील्ड आपने लगवा रखी है तो ही आप यूरोप अमेरिका की यात्रा कर पाएंगे, कोवैक्सीन की कोई मान्यता नही है, यही है इम्युनिटी पासपोर्ट का वो खेल, जिसके बारे में आपको शुरू से आगाह कर रहा हूं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की लेटेस्ट …
न्यू वर्ल्ड ऑर्डर का खेल शुरू हो गया है अगर एस्ट्राजेन्का की वैक्सीन कोविशील्ड आपने लगवा रखी है तो ही आप यूरोप अमेरिका की यात्रा कर पाएंगे, कोवैक्सीन की कोई मान्यता नही है, यही है इम्युनिटी पासपोर्ट का वो खेल, जिसके बारे में आपको शुरू से आगाह कर रहा हूं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की लेटेस्ट गाइडेंस डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, इमर्जेंसी यूज लिस्टिंग में जिन वैक्सीन का नाम है बस वो ही वैक्सीन चलेगी बाकी नही इस लिस्ट में एस्ट्राजेन्का की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविशील्ड, मॉडर्ना, फाइजर, जानसेन (अमेरिका और नीदरलैंड में) और सिनोफार्म/BBIP शामिल है, कमाल की बात है कि चीन की बनाई वैक्सीन इस लिस्ट में है लेकिन भारत बायोटेक की कोवैक्सीन इस लिस्ट से गायब है।
दरअसल जो जिन देश ने अपने यहां इंटरनेशनल ट्रेवल की छूट दे रहे हैं या तो वे अपनी खुद की रेग्युलेटरी अथॉरिटी द्वारा स्वीकृत की गई वैक्सीन को मान्यता दे रहे हैं या फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन की इमर्जेंसी यूज लिस्टिंग (EUL) की तरफ से स्वीकृत की गई वैक्सीन को ही मान्य कर रहे हैं जैसे कि अगर आप रूस जा रहे हैं तो आप स्पूतनिक लगवा कर भी जा सकते हैं लेकिन स्पूतनिक लगवा कर आप अमेरिका नही ट्रैवल कर पाएंगे।
कोवैक्सीन को इरान, नेपाल, फिलिपींस, मेक्सिको, गुएना, पराग्वे, जिम्बॉब्वे और मॉरिशस में ही मान्यता मिली है। इसलिए सिर्फ इन्ही देशों में ट्रैवल करने की आपको इजाजत मिलेंगी जबकि कोविशील्ड लगाने वाले लगभग सभी देशों में अपना वैक्सीन सर्टिफिकेट दिखा कर आसानी से ट्रैवल कर सकते हैं।
- गिरीश मालवीय
