बरेली: विधि व्यवसाय के लिए कहर बनकर टूटा कोरोना
बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी ने कई लोगों की जिंदगी छीन ली। विधि व्यवसाय से जुड़े लोगों पर भी कोरोना कहर बनकर टूटा है। एक तरफ महामारी की वजह से अदालतें बंद होने से वकीलों व इससे जुड़े अन्य लोगों को अपनी जीविका चलाने के लिए परेशान होना पड़ा है। कई वकील कोरोना संक्रमित हुए …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी ने कई लोगों की जिंदगी छीन ली। विधि व्यवसाय से जुड़े लोगों पर भी कोरोना कहर बनकर टूटा है। एक तरफ महामारी की वजह से अदालतें बंद होने से वकीलों व इससे जुड़े अन्य लोगों को अपनी जीविका चलाने के लिए परेशान होना पड़ा है। कई वकील कोरोना संक्रमित हुए तो कई को अपनी जान भी गवां चुके हैं। हालात पहले से बेहतर हुए हैं लेकिन अदालतें कब खुलेंगी और कामकाज पूरी तरह से कब शुरू होगा, इसके बारे में कुछ कहना मुश्किल है। ऐसे में जब तक अदालतें नहीं खुलती हैं, तब तक विधि व्यवसाय जुड़े लोगों के सामने परेशानी रहेगी।
दो माह में 24 अधिवक्ताओं की मौत
13 अप्रैल से अब तक बरेली बार के 24 सदस्यों की मृत्यु हो चुकी है। अब तक रोशन लाल गंगवार, मुन्ना लाल मौर्या, अब्दुल सलीम, सी एल सागर, सतीश अग्रवाल, (दो सगे भाई )अनिल व संजय कुमार मलिक एडवोकेट, अनुराग शर्मा, गुरदीप सिंह बग्गा, कैलाश चन्द्र सक्सेना, महेन्द्र नाथ अग्रवाल, राजीव मिश्रा, जे पी साहनी, समी उल जमा, विजय पाल, के एल गोयल, अब्दुल रज्जीक, रामा वल्लभ शर्मा, मोहम्मद रहीसुद्वीन, जगदीश स्वरूप भटनागर, बाबूराम, कमल कुमार सक्सेना, बद्री प्रसाद गंगवार, आशीष अग्रवाल, वीरेन्द्र विक्रम आदि अधिवक्ताओं में अधिकांश की मृत्यु कोरोना के चलते हो चुकी है।
300 करोड़ मिलें तो हो वकीलों की मदद
प्रदेश के 1700 कोविड संक्रमित वकीलों को काउंसिल द्वारा प्रत्येक को 25 हजार रुपये सहायता राशि कुल राशि लगभग साढ़े तीन करोड़ बीते वर्ष प्रदान की गयी थी। बार की न्यास समीति का सरकार के पास लगभग 300 करोड़ रूपया जमा है उसके लिए हाईकोर्ट ने आदेश भी कर दिया मगर सरकार ने हाईकोर्ट मे रिव्यू पीटिशन दाखिल कर दिया। हमारी मांग है कि सरकार पीटिशन वापस लेकर वकीलों को उनका पैसा लौटा दे तो बार काउंसिल व्यापक स्तर पर वकील साथियों की आर्थिक मदद करने की स्थिति में होगी।
-शिरीष मेहरोत्रा, एडवोकेट व सदस्य उ.प्र. बार काउंसिल
आर्थिक सहायता की तैयारी
बीते लगभग डेढ़ साल से महामारी के साथ ही वकील जीविका के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। सरकार ने जो भी अधिवक्ताओं के लिए सहायता का ऐलान किया है वह ऊंट के मुंह मे जीरे के बराबर है। कोविड से मृतक साथियों के परिजनों की आर्थिक सहायता के लिए प्लान बना रहे हैं। वकीलों के लिए टीकाकरण कैम्प भी जल्द ही कचहरी पर आयोजित किया जायेगा। -घनश्याम शर्मा एडवोकेट, अध्यक्ष बरेली बार एसोसिएशन
80 फीसदी कामकाज प्रभावित
कोरोना की वजह से 80 प्रतिशत कामकाज प्रभावित है। अधिवक्ता वर्ग को कोरोना के चलते आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जब सरकार ने सभी वंचित वर्ग के लिए सहायता का ऐलान किया है तो वकीलों के लिए सहायता क्यों नही दी जा रही है। उन्होने प्रदेश सरकार से कोरोना लाकडाउन के दौरान प्रत्येक अधिवक्ता को 10 हजार रूपये मानदेय व मेडिकल सुविधाओ की मांग की। -वीरेंद्र प्रसाद ध्यानी एडवोकेट, सचिव बरेली बार एसोसिएशन
ऑनलाइन ही शुरू हों सभी काम
वकीलों के भी दो वर्ग हैं। एक वर्ग वह है जिसके पास पर्याप्त काम है, पेट भरा हुआ है वह लाकडाउन के पक्षधर हैं। वहीं दूसरा वर्ग वह है जो रोजाना कचहरी आकर विधि व्यवसाय के जरिए अपने बच्चों का पेट पालता है। काम की कमी होने से परेशान वकील के समक्ष कोरोना ने गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर दिया है। मांग है कि अदालत में जब तक कामकाज प्रभावित है तब तक आनलाइन ही सारे कामकाज को शुरू कर दिया जाये। वहीं जैसे ही व्यवस्था सामान्य हो अदालतों को पूर्व की भांति सुचारू किया जाना अत्यंत आवश्यक है। -अमजद सलीम, अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट
आपदा में बीमा के लिए करें क्लेम
जो भी अधिवक्ता कोरोना के चलते असमय दुनिया छोड़कर चले गये हैं। उनके परिजन सबसे पहले आपदा महामारी विभाग मे क्लेम आवेदन कर सकते हैं। महामारी एक्ट में 4 लाख रूपये दिये जाने का प्रावधान है। इसके अलावा बार काउंसिल में प्रत्येक अधिवक्ता का पांच लाख रूपये का बीमा होता है। परिजन उसके लिए भी आवेदन करेंगे। ऐसे में धन के अभाव से जूझते परिजनो को कुछ आर्थिक सहायता मिल सकेगी। -नंद किशोर भगत, वरिष्ठ अधिवक्ता
जल्द शुरू हो कामकाज
वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश्वर सक्सेना ने बताया कि मौजूदा हालात को लेकर सरकार पर दोषारोपण करना ठीक नहीं होगा। बदलते परिवेश के अनुसार पेशे में परिवर्तन भी आया है। हालांकि कभी भी ऐसे हालात नहीं बने। जल्द ही अदालतों को कामकाज के लिए खोलना चाहिए। -वेंकटेश्वर सक्सेना, वरिष्ठ अधिवक्ता
