बरेली: माटीकला योजना से होंगे बेरोजगारों के सपने साकार, इस तरह उठाएं लाभ

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बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में माटीकला योजना ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगारों के सपनों को साकार करेगी। योजना से जुड़कर घरेलू उपयोग के सामान (खिलौने, प्रेशर कुकर, घड़ा, सुराही, जग, कुल्हड़, गिलास, कटोरी, अचारदानी, कप, प्लेट्स, डोंगे) और भवन निर्माण सामग्री (फ्लोर टाइल्स, रूफ टाइल्स, पाइप, वॉश बेसिन), सजावटी सामान (गुलदस्ता, गार्डन पार्ट्स, बोनसाई पार्ट्स, …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में माटीकला योजना ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगारों के सपनों को साकार करेगी। योजना से जुड़कर घरेलू उपयोग के सामान (खिलौने, प्रेशर कुकर, घड़ा, सुराही, जग, कुल्हड़, गिलास, कटोरी, अचारदानी, कप, प्लेट्स, डोंगे) और भवन निर्माण सामग्री (फ्लोर टाइल्स, रूफ टाइल्स, पाइप, वॉश बेसिन), सजावटी सामान (गुलदस्ता, गार्डन पार्ट्स, बोनसाई पार्ट्स, लैंप्स) आदि के कारोबार करने वालों को बैंक से 10 लाख रुपए का कर्ज दिया जाएगा।

ऐसे लोगों को प्रोजेक्ट लागत का 95 प्रतिशत बैंक से कर्ज के रूप में मिलेगा। योजना के लिए 20 जून तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में आवेदन करना अनिवार्य होगा।

ग्रामोद्योग अधिकारी बीसी बंसीवाल ने बताया ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में माटीकला का अहम योगदान होगा। माटीकला से जुड़े परंपरागत कारीगरों के सपनों को मुख्यमंत्री माटीकला योजना पूरा करेगी। योजना से जुड़े परंपरागत कारीगरों को मिट्टी के बर्तनों आदि को बनाने के लिए 10 लाख रुपए तक कर्ज दिए जाएंगे।

प्रोजेक्ट लागत का पांच प्रतिशत उद्यमी अंशदान और 95 प्रतिशत कर्ज के रूप में मिलेंगे जो पांच वर्ष में नियमानुसार वापस भी करना होगा। पूंजीगत कर्ज राशि का 25 प्रतिशत धन मार्जिन मनी के रूप में विभाग को प्रदान किया जाएगा। योजना का लाभ लेने वालों को 20 जून तक हर हाल में आवेदन करना है। माटी कला योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के दौरान संपर्क कर सकते हैं।

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