लखीमपुर खीरी: कायदे-कानून ताक पर, सालों से जमे हैं सिपाही
लखीमपुर-खीरी,अमृत विचार। जिले में कहने को तो सिपाहियों का कार्यकाल 16 साल का होता हैं, जबकि दीवान आठ साल तक ही तैनात रह सकता है, लेकिन अधिकारियों की दरियादिली से कई सिपाही और दीवान 16 साल से अधिक समय से जिले में तैनात हैं। इनमें से एक हेड कांस्टेबल सीओ सिटी कार्यालय पर तैनात है। …
लखीमपुर-खीरी,अमृत विचार। जिले में कहने को तो सिपाहियों का कार्यकाल 16 साल का होता हैं, जबकि दीवान आठ साल तक ही तैनात रह सकता है, लेकिन अधिकारियों की दरियादिली से कई सिपाही और दीवान 16 साल से अधिक समय से जिले में तैनात हैं। इनमें से एक हेड कांस्टेबल सीओ सिटी कार्यालय पर तैनात है। कई ऐसे सिपाही हैं जिन्होंने एक ही थाने पर तीसरी बार तैनाती पा ली है। दफ्तरों में लंबे अर्से से तैनात पुलिस कर्मियों के आगे अफसरों ने भी सारे नियम, कानून और कायदे ताक पर रख दिए हैं।
सीओ स्तर के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में इंस्पेक्टर चार साल, सब इंस्पेक्टर छह साल, दीवान आठ साल और सिपाही 16 साल से अधिक समय तक नहीं रह सकता है। इसके अवाला थानों और दफ्तरों पर भी तीन साल से अधिक समय तक तैनाती नहीं दी जा सकती है, लेकिन इसके बावजूद सीओ दफ्तरों और थानों पर कई सिपाही और दीवान ऐसे हैं जिनको थानों, चौकियों और दफ्तरों पर तीन साल से अधिक समय हो गया है, लेकिन विभाग ने उन्हें इधर से उधर नहीं किया। सीओ सिटी कायार्लय में तैनात एक दीवान को जिले में 16 साल से अधिक हो गया है। इससे पहले वह धौरहरा सीओ कार्यालय में करीब पांच साल तक तैनात रहा।
करीब पांच महीने पहले एसपी विजय ढुल ने इस हेड कांस्टेबल का स्थानांतरण धौरहरा से सीओ सिटी कार्यालय में कर दिया था, जबकि यहां तैनात शिवचन्द को कोतवाली धौरहरा भेजा था। सीओ सदर कार्यालय में तैनात सिपाही करन, विक्रम और विनोद सहित एसपी दफ्तर से लेकर जिले के अन्य सीओ कार्यालय तक तमाम सिपाही ऐसे हैं जिन्हें तीन साल से अधिक समय हो गया है। यह सिपाही मठाधीश बन गए हैं। कुछ जगहों पर स्थानांतरण तो हुआ लेकिन जुगाड़ लगाकर दूसरी और तीसरी बार तैनाती कराने में सिपाही कामयाब रहे हैं। एसपी कार्यालय के विभिन्न पटलों पर भी सिपाही लंबे अर्से से तैनात हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पूर्व जिले में समय अवधि पूरी होने पर शासन ने करीब 25 इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टरों का तबादला जिले से बाहर कर दिया था। इनमें इंस्पेक्टर राजकुमार, राजकुमार द्वितीय, एसआई अनिल कुमार सिंह, अरविंद कुमार शुक्ला, सुनील कुमार सिंह सहित करीब 10 दरोगाओं को एसपी ने रिलीव भी कर दिया था लेकिन अभी तक महिला थाना एसओ, संपूर्णानगर एसओ सुनीत कुमार, सब इंस्पेक्टर दिनेश यादव सहित 25 से अधिक दरोगा और इंस्पेक्टर रिलीव नहीं किए गए। स्थानांतरण होने के चार महीने बाद भी स्थानांतरित दरोगाओं को कार्यमुक्त न करने से स्थानांतरण व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
एसपी विजय ढुल ने कहा कितीन साल से अधिक समय से तैनात पुलिसकर्मियों की सूची तैयार कराई जाएगी। पूर्व में स्थानांतरित इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टरों को कार्यमुक्त करने के लिए तारीख जल्द ही तय की जाएगी।
