दरोगा भर्ती 2016 में पास अभ्यर्थियों को नहीं मिल रहा नियुक्ति पत्र, राष्ट्रपति से लगाई न्याय की गुहार
रविशंकर गुप्ता लखनऊ। बेरोजगारी के दौर से गुजर रहे युवाओं का जब किसी भी सरकारी नौकरी में चयन होता है तो एक अलग खुशी होती है। लेकिन चयन होने के बाद भी जब बिना किसी कुसूर के नियुक्ति पत्र ही रोक दिया जाये तो अभ्यर्थी अधर में भटकने लगता है और मानसिक तनाव का शिकार …
रविशंकर गुप्ता
लखनऊ। बेरोजगारी के दौर से गुजर रहे युवाओं का जब किसी भी सरकारी नौकरी में चयन होता है तो एक अलग खुशी होती है। लेकिन चयन होने के बाद भी जब बिना किसी कुसूर के नियुक्ति पत्र ही रोक दिया जाये तो अभ्यर्थी अधर में भटकने लगता है और मानसिक तनाव का शिकार भी हो जाता है, अभ्यर्थी सरकार से लेकर न्यायालय तक गुहार लगाता है फिर भी कुछ न हो तो सवाल है वह कितना सब्र करे।
हम बात कर रहे हैं 2016 युपी पुलिस में दरोगा भर्ती की। कुल 3307 पदों के सापेक्ष सरकार ने 2486 लोगों का चयन किया, चयनित अभ्यर्थियों में महिला और पुरूष दोनो वर्ग के लोग शामिल थे। उसके बाद 2019 में इन्हें प्रशिक्षण के लिए लिए बुलाया गया। अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशिक्षण भी पूर करा दिया गया।
हाई कोर्ट ने परिणाम को दोबारा संशोधन करने का सरकार को दिया आदेश
इसी बीच कुछ अचयनित अभ्यर्थी रिजल्ट को लेकर हाईकोर्ट में चले गये। जिसमें हाई कोर्ट ने परिणाम को दोबारा संशोधन करने का सरकार को आदेश दिया, लेकिन सरकार ने माना नहीं हैं और आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) सुप्रीम कोर्ट में दायर कर दी।
उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इसी साल 5 फरवरी से अपना आदेश सुरक्षित कर रखा है। तब से अभ्यर्थी प्रदेश सरकार से लेकर राष्ट्रपति तक गुहार लगाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
राष्ट्रपति को पत्र लिख मांगी इच्छा मृत्यु
वहीं दर्जनों अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भी इस मामले से अगवत कराते हुए दखल की मांग की है। अभ्यर्थी विनय यादव, उमाकांत यादव, पवन पाण्डेय, अशोक दिक्षित, दया शर्मा, विमल यादव, अजय, मनोज कुमार, अभिषेक ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।
कई ऐसे भी अभ्यर्थी जिनका समय हो रहा समाप्त
इस भर्ती में कई ऐसे भी अभ्यर्थी हैं जो पहले से सीआईएसएफ, बैंक, बीएसएफ में पोस्ट हैं, उन्होंने सरकार से छुट्टी लेकर दरोगा भर्ती की तैयारी की थी, लेकिन जो छुट्टी का समय 2 साल का विभाग की ओर से मिला था वह भी अब समाप्त हो रहा है, ऐसे में अभ्यर्थियों को इस बात का भी डर सता रहा है कहीं दारोगा भी न बनाये और जो नौकरी पहले से कर रहे हैं उससे भी हाथ धो बैठे।
वकील मजबूती से करें पैरवीं तो होगा समाधान
इस संबंध में बातचीत के दौरान अभ्यार्थियों ने बताया कि अगर सरकार के वकील इस केस में मजबूती से पैरवीं करें तो अभ्यार्थियों को राहत मिल सकती है। अभ्यर्थियों ने कहा न्यायालय का जो भी फैसला होगा हमें मान्य होगा, लेकिन चिंता इस बात की सुनवाई में विलंब हो रहा है।
