बरेली: जिंदगी पर भारी पड़ता सूदखोरों का दिन दोगुना-रात चौगुना बढ़ता ब्याज, मौत का रास्ता चुनते लोग…

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। सूदखोरों से तंग आकर जिले के भी तमाम लोगों ने कभी जहर खाकर तो कभी फांसी लगाकर अपनी जान दी है। नौ के सौ वसूलने वाले सूदखोरों ने लोगों की जमीन, मकान अपने नाम पर करा कर उन्हें बेघर कर दिया लेकिन उनका रुपए कभी खत्म नहीं हुए। दिन दोगना और रात …

बरेली, अमृत विचार। सूदखोरों से तंग आकर जिले के भी तमाम लोगों ने कभी जहर खाकर तो कभी फांसी लगाकर अपनी जान दी है। नौ के सौ वसूलने वाले सूदखोरों ने लोगों की जमीन, मकान अपने नाम पर करा कर उन्हें बेघर कर दिया लेकिन उनका रुपए कभी खत्म नहीं हुए। दिन दोगना और रात चौगुना बढ़ने वाला सूदखोरों के ब्याज तले दबकर कई लोगों ने मौत का रास्ता चुना और अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया।

कुछ समय पहले सूदखोरों से निजात दिलाने के लिए बरेली के पूर्व डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने रेंज में ‘ऑपरेशन मुक्ति’ चलाया था। इसके तहत एक नंबर जारी किया गया जिसपर पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज करा सकते थे। पुलिस ने शिकायत मिलने पर बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं समेत पीलीभीत में सूदखोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की थी। सबसे अधिक 15 मामले बरेली जिले में सूदखोरों के खिलाफ दर्ज किए गए।

युवक ने एसएसपी ऑफिस में खाया था जहर
बीडीए कालोनी करगैना में रहने वाले हरी प्रसाद मीना (60) ने दो साल पहले अपनी फर्नीचर की दुकान के लिए एक रिटायर्ड दारोगा के भाई राजीव सक्सेना से ब्याज पर रुपये लिए थे। बदले में वह चार लाख रुपये दे चुके थे इसके बावजूद सूदखोर राजीव व उसका रिटायर्ड दारोगा भाई अशोक कुमार उन पर बकाया बताता था और धमकाता था।

आरोपियों ने उनसे मकान भी अपने नाम लिखवा लिया था। यह सारी बातें सुसाइड नोट में लिखते हुए हरी प्रसाद ने खुद को तनाव से ग्रसित बताते हुए जहर खा लिया और एसएसपी ऑफिस पहुंच गया। जहां उसकी तबितय बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई।

कर्ज में डूबे युवक ने फांसी लगाकर दी जान
प्रेमनगर के मोहल्ला ब्रह्मपुरा निवासी कौशल कुमार ने बताया कि उनका बेटा 22 वर्षीय सचिन लोहे की अलमारी व अन्य हार्डवेय का काम करते थे। काम के लिए उन्होंने एक कंपनी से लोन लिया था। लेकिन उनका काम नहीं चल सका। इसके चलते वह परेशान रहने लगे और तीन दिन पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने सूदखोर के कारण दी जान
प्रेमनगर के शाहबाद निवासी अरुण कुमार सक्सेना (42) एक कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात थे। उनका शव बेग अस्पताल के पास सड़क किनारे पड़ा मिला है। मृतक की तलाशी ली तो उसके पास से सुसाइट नोट बरामद हुआ। जिसमें उसका नाम अरुण कुमार लिखा था और साथ ही एक मोबाइल नंबर भी लिखा था। जांच में पता चला की सूदखोर के कारण ही उन्होंने सुसाइड किया था।

सूदखोरों के खिलाफ शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है। बीते दिनों भी कई थाना क्षेत्रों में सूदखोर के खिलाफ मामले दर्ज किए गए है। -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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