यूपी: 5 दिन पहले स्थापित किया था ‘कोरोना माता का मंदिर’, अब हुआ कुछ ऐसा कि…

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प्रतापगढ़। जिला मुख्यालय से पचास किलोमीटर दूर थाना सांगीपुर क्षेत्र के जूही शुक्लपुर गांव में विवादित भूमि पर पांच दिन पूर्व स्थापित कोरोना मंदिर को एक पक्ष ने शुक्रवार की रात ढहा दिया और पुलिस को तहरीर देकर अवैध कब्जे की नियत से मंदिर निर्माण करने का आरोप लगाया है। जूही शुक्लपुर के ग्रामीणों के …

प्रतापगढ़। जिला मुख्यालय से पचास किलोमीटर दूर थाना सांगीपुर क्षेत्र के जूही शुक्लपुर गांव में विवादित भूमि पर पांच दिन पूर्व स्थापित कोरोना मंदिर को एक पक्ष ने शुक्रवार की रात ढहा दिया और पुलिस को तहरीर देकर अवैध कब्जे की नियत से मंदिर निर्माण करने का आरोप लगाया है। जूही शुक्लपुर के ग्रामीणों के अनुसार, गांव में नागेश कुमार श्रीवास्तव, लोकेश कुमार श्रीवास्तव और जय प्रकाश श्रीवास्तव नाम के भाइयों की संयुक्त खाता की भूमि है।

उन्होंने बताया कि नोएडा में रहने वाले लोकेश श्रीवास्तव एक सप्ताह पूर्व यहां आए और ग्रामीणों के सहयोग से चन्दा कर नागेश श्रीवास्तव के घर के सामने संयुक्त खाता की विवादित भूमि पर गत सात जून को कोरोना माता के नाम से मूर्ति रख कर मंदिर की स्थापना कर पूजा अर्चना शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त मंदिर में गांव के राधे श्याम वर्मा को पुजारी के रूप में नियुक्ति कर दिया। मंदिर की स्थापना के बाद लोकेश नोएडा चले गए।

शुक्रवार रात उक्त मंदिर को जेसीबी लगाकर ढहा दिया कर पूरा मलबा हटा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने मंदिर ढहाया है। थाना सांगीपुर प्रभारी तुषारदत्त त्यागी ने पुलिस द्वारा मंदिर ढहाने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि कोरोना मंदिर विवादित भूमि पर स्थापित किया गया था, जिसको एक पक्ष ने ढहा दिया।

उन्होंने कहा कि नागेश कुमार श्रीवास्तव ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि भूमि पर कब्जे की नियत से कोरोना मंदिर स्थापित किया गया था, तहरीर पर जांच कर विधिक कार्यवाही की जाएगी।

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