अयोध्या: राम मंदिर निर्माण समिति व ट्रस्ट की बैठक आज से, खास पत्थरों को लगाने पर होगी चर्चा
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट व राम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय संयुक्त बैठक रविवार से होगी। सर्किट हाउस फैजाबाद में आयोजित यह बैठक अपराह्न तीन बजे प्रस्तावित है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय द्वारा सभी ट्रस्टियों को बैठक की सूचना देते हुए यह अपेक्षा की है कि यदि वह यात्रा करने में …
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट व राम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय संयुक्त बैठक रविवार से होगी। सर्किट हाउस फैजाबाद में आयोजित यह बैठक अपराह्न तीन बजे प्रस्तावित है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय द्वारा सभी ट्रस्टियों को बैठक की सूचना देते हुए यह अपेक्षा की है कि यदि वह यात्रा करने में असमर्थ हों तो वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हो सकते हैं, इसके लिए उन्हें लिंक भेज दिया जाएगा।
वहीं बैठक में शामिल होने के लिए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्र शनिवार को ही अयोध्या पहुंचकर सबसे पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन किया और रामजन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला के दरबार में भी हाजिरी लगार सर्किट हाउस पहुंचे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को निर्माण समिति अध्यक्ष सुबह मंदिर निर्माण स्थल पर निर्माणाधीन ग्राउंड इम्प्रूवमेंट कार्य का निरीक्षण करेंगे।
उसके बाद परिसर में ही कार्यदाई संस्था एल एण्ड टी व मानीटरिंग एजेंसी टीईसी के विशेषज्ञों के अलावा मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा करेंगे। बताया जाता है कि बैठक में ग्राउंड इम्प्रूवमेंट का कार्य पूर्ण होने के बाद प्लिंथ और परकोटे के साथ रिटेनिंग वॉल के निर्माण के सम्बन्ध में भी विचार विमर्श होगा।
इसके अलावा राम मंदिर में लगने वाले बंशीपहाड़पुर के पत्थरों, प्लिंथ में लगने वाले मिर्जापुर के पत्थरों, रिटेनिंग वॉल में लगने वाले जोधपुर के पत्थरों के अतिरिक्त परकोटे में लगने वाले ग्रेनाइट पत्थरों के खरीद फरोख्त पर विचार किया जाएगा। बैठक में मंदिर निर्माण स्थल पर खोदी गयी 400 गुणा 250 गुणा 40 फिट लंबे-चौड़े व गहरी नींव की भराई के लिए मंगवाए जा रहे इंजीनियर फील्ड मटेरियल के खरीद-फरोख्त पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि, राममंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा सहित तकनीकी विशेषज्ञ और इंजीनियर शामिल होगें।
