बरेली: अब 11 संकायों में विषयों को वर्गीकृत कर तैयार होंगे पाठ्यक्रम
बरेली, अमृत विचार। नई शिक्षा नीति के तहत एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालयों में नए संकायों का गठन किया जाएगा। शासन ने अन्य विषयों को लेकर भी सूचना मांगी है ताकि उन विषयों की भी कोडिंग की जा सके। अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने सभी विश्वविद्यालय के कुलपति को इसको लेकर निर्देश जारी कर दिए …
बरेली, अमृत विचार। नई शिक्षा नीति के तहत एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालयों में नए संकायों का गठन किया जाएगा। शासन ने अन्य विषयों को लेकर भी सूचना मांगी है ताकि उन विषयों की भी कोडिंग की जा सके।
अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने सभी विश्वविद्यालय के कुलपति को इसको लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत कुल 11 संकाय होंगे, जबकि पहले सिर्फ कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय ही प्रमुख रूप से होते थे। इन प्रमुख संकायों का भी अलग-अलग संकाय में विभाजन कर दिया गया है।
शासन ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) पर तैयार समान न्यूनतम समान पाठ्यक्रम को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय में आगामी सत्र से लागू करना है। छात्रों को बहुविषयक विकल्प उपलब्ध कराने, भाषा विषयों को बढ़ावा देने और अंर्तविश्वविद्यालय क्रेडिट स्थानांतरण को सुगम बनाने के लिए संकायों में एकरूपता की जा रही है।
इसी के तहत विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में संचालित विषयों को अलग-अलग संकायों में वर्गीकृत किया गया है। किसी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में कोई अप्लायड विषय भी संचालित हो रहा होगा तो वह संबंधित विषय के ही संकाय में शामिल होगा। पहले गणित, अर्थशास्त्र, भूगोल, रक्षा व अन्य विषय बीए और बीएससी दोनों वर्गों के छात्रों के लिए उपलब्ध थे।
इसकी वजह से यह विषय दोनों संकायों में वर्गीकृत किए गए थे। नई शिक्षा नीति के तहत अब छात्र को तीसरा मुख्य विषय लेने की छूट होगी, ऐसे में कोई भी छात्र किसी भी संकाय के विषय का चुनाव कर सकेगा। इसलिए एक विषय को दो संकायों में वर्गीकृत नहीं किया जाएगा। शासन ने साफ किया है कि सिर्फ संकायों का वर्गीकरण किया गया है। अन्य पाठ्यक्रम निर्धारण और अन्य व्यवस्थाएं पहले की तरह लागू रहेंगी।
यह होंगे 11 संकाय
- भाषा संकाय, कला, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय, विधि संकाय, विज्ञान संकाय, कृषि संकाय, शिक्षक शिक्षा संकाय, वाणिज्य संकाय, प्रबंधन संकाय, ललित कला एवं प्रदर्शन कला संकाय, व्यवसायिक अध्ययन संकाय और ग्रामीण विज्ञान संकाय बनाए गए हैं। नए वर्गीकरण में कला और विज्ञान संकाय में सबसे अधिक 31-31 विषय शामिल किए गए हैं।
- हिंदी, अंग्रेजी जैसे कई विषयों को कला संकाय से अलग कर भाषा संकाय में शामिल किया गया है। भाषा संकाय में देश और विदेश की सभी भाषाओं के विषयों को शामिल किया गया है।
- ग्रामीण विज्ञान संकाय में सहकारिता, ग्रामीण उद्योग, ग्रामीण बैंकिंग, उद्यान विज्ञान-ग्रामीण विज्ञान, मतस्य पालन, कृषि विपणन और सामुदायिक विकास एवं प्रसार को शामिल किया गया है।
- व्यवसायिक अध्ययन संकाय 40 फीसदी सामान्य और 60 फीसदी क्षमता पर आधारित होंगे। ललित कला संकाय में नृत्यकला, वास्तुकला, संगीत, चलचित्र समेत अन्य विषय शामिल किए गए हैं।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने नए संकायों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय से भी संकायों व विषयों के बारे में जानकारी ली जाएगी। अन्य विषयों के बारे में जानकारी जुटाकर उच्च शिक्षा परिषद को भेजी जाएगी।
