बरेली: कोरोना ही नहीं ब्लैक फंगस में भी कारगर है वैक्सीन
बरेली, अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमण के दौर में अलग अलग तरह की कई बीमारियां सामने आ रहीं है। इनमें कोरोना महामारी के बाद ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) को भी शासन की ओर से महामारी की श्रेणी में रखा गया है। जिले में अब तक ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या 60 से अधिक …
बरेली, अमृत विचार। जिले में कोरोना संक्रमण के दौर में अलग अलग तरह की कई बीमारियां सामने आ रहीं है। इनमें कोरोना महामारी के बाद ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) को भी शासन की ओर से महामारी की श्रेणी में रखा गया है। जिले में अब तक ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या 60 से अधिक हो गई है। अब तक जिन मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई, उनमें 25 बरेली और बाकी अन्य जिलों के हैं।
जिला सर्विलांस अधिकारी का कहना है कि ब्लैक फंगस को लेकर इन मरीजों की स्टडी देखी गई तो करीब 20 से अधिक मरीजों को कोरोना की वैक्सीन लगी ही नहीं थी। वहीं, कुछ मरीजों को सिर्फ वैक्सीन की एक ही डोज लगी थी। ऐसे में कोरोना ही नहीं ब्लैक फंगस से बचाव में भी वैक्सीन काफी हद तक कारगर है। डॉक्टरों का कहना है कि वैक्सीन की दोनों खुराक लगने के बाद यदि किसी को कोरोना हो भी जाता है तो वह जल्दी ठीक हो जाता है। ऐसे में फंगस होने का खतरा बहुत कम रहता है।
कोरोना वायरस के बाद मरीजों में ब्लैक फंगस कहर बनकर टूटा है। अब कोरोना संक्रमण का मामला थमने के बाद ब्लैक फंगस के मामले भी नहीं आ रहे हैं। मगर कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका के चलते आगे भी ब्लैक फंगस को लेकर डर बना हुआ है। ऐसे में आप वैक्सीन लगवाकर कोरोना से ही नहीं ब्लैक फंगस से भी बच सकते हैं। जिलें में सामने आए ब्लैक फंगस के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं।
विशेषज्ञ का कहना है कि कोरोना के इलाज में लंबे समय तक स्टेरॉयड, एंटीबायोटिक चलने से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। वहीं, कई लोगों के बीपी, डायबिटीज समेत कई बीमारियों से ग्रसित होने की वजह से पहले से ही इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इसलिए ब्लैक फंगस की चपेट में आ जाते हैं। वहीं, जिन लोगों को वैक्सीन लगी होती है, उनमें कइयों को तो कोरोना होता ही नहीं है। जिन्हें हो भी जाता है तो बिना लक्षण या फिर मामूली लक्षण होकर निकल जाता है। इन्हें कम दवाएं चलती हैं और जल्दी ठीक भी हो जाते हैं। ऐसे में वैक्सीन लगने से कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस से भी बचाव हो जाता है।
पहली खुराक में संक्रमण से लड़ने की क्षमता, दूसरी से मजबूत होती इम्यूनिटी
300बेड अस्पताल के सीएमएस डा. बागीश वैश्य के अनुसार कोरोना की पहली खुराक में इंसान में संक्रमण से लड़ने के प्रति कम क्षमता आती है। दूसरी खुराक लगने पर इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत हो जाती है। ऐसे में वैक्सीन लगवाने में कतई देनी न करें। समय पर दोनों डोज लगवाएं।
