बरेली: आगरा की घटना से लिया सबक, असुरक्षित बोरवेल किये जा रहे चिह्नित
बरेली, अमृत विचार। 14 जून को जनपद आगरा के धरियाई गांव में खेलने के दौरान बोरवेल में चार साल के बच्चे के गिरने की घटना से राज्य सरकार ने बड़ा सबक लिया है। ऐसी घटना किसी अन्य जनपद में न हो, इसके लिए सरकार ने असुरक्षित बोरवेलों को चिह्नित कराकर उनको पटवाने के लिए रणनीति …
बरेली, अमृत विचार। 14 जून को जनपद आगरा के धरियाई गांव में खेलने के दौरान बोरवेल में चार साल के बच्चे के गिरने की घटना से राज्य सरकार ने बड़ा सबक लिया है। ऐसी घटना किसी अन्य जनपद में न हो, इसके लिए सरकार ने असुरक्षित बोरवेलों को चिह्नित कराकर उनको पटवाने के लिए रणनीति बनायी है। बरेली समेत सभी जनपदों में बोरवेलों को चिह्नित कराने के लिए 20 जून से 30 जून तक सघन अभियान चलाया जाएगा।
बरेली प्रशासन ने सभी तहसीलों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। अभियान में असुरक्षित बोरवेल तलाशने में ग्राम प्रधान, लेखपाल, ग्राम सचिव, बीट सिपाहियों व सुपरवाइजर को लगाया जाएगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल तलाश किए जाएंगे। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने जारी किए आदेश में कहा है कि बोरवेल में गिरने से होने वाली दुर्घटना को 2 जून, 2018 को राज्य आपदा घोषित किया गया था।
6 जून, 2019 को राष्ट्रीय आपदा मोचक बल द्वारा बोरवेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े प्रबंधन करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। अब देखने में आ रहा है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल के खुले रह जाने के कारण उससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। 14 जून को आगरा के धरियाई गांव में बोरवेल में चार साल का बच्चा गिर गया था। सेना और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचक बल) ने लोगों के प्रयास से बच्चे की जान बचायी। बच्चा सौ फीट से अधिक गहरे बोरवेल में गिर गया था।
इसी घटना के दृष्टिगत ऐसी घटनाओं को रोका जाना नितांत आवश्यक है। सभी जनपदों के साथ बरेली जिलाधिकारी को भी निर्देश दिए हैं कि बोरवेल से होने वाली दुर्घटनाओं को रोके जाने के लिए असुरक्षित बोरवेलों को चिह्नित करने के लिए सघन अभियान चलाएं। बोरवेल चिह्नित कराकर उसकी निर्धारित सूचना राहत आयुक्त कार्यालय को ई-मेल से भेजें। अभियान की समाप्ति के बाद समय-समय पर बोरवेल की नियमित रूप से निगरानी करें। सफाई कर्मियों को अभियान से जोड़ें, ताकि कोई मेनहोल खुला न रह जाए।
