बाराबंकी: नेपाल ने सरयू नदी घाघरा में छोड़ा पानी, खतरे के निशान से सिर्फ 20 सेमी नीचे, अलर्ट जारी
कोटवधाम, बाराबंकी। सरयू नदी घाघरा मे नेपाल ने लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा सरयू नदी घाघरा खतरे के निशान को छूने को बेताब है मात्र 20 सेमी खतरे के निशान से नीचे । राजस्व व बाढ खंण्ड एलर्ट उपजिलाधिकारी सुरेन्द्र पाल विश्वकर्मा राजस्व टीम के साथ कोठरी गौरिया, इटहुवा पूरब में सरयू नदी के किनारे पंहुचकर …
कोटवधाम, बाराबंकी। सरयू नदी घाघरा मे नेपाल ने लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा सरयू नदी घाघरा खतरे के निशान को छूने को बेताब है मात्र 20 सेमी खतरे के निशान से नीचे । राजस्व व बाढ खंण्ड एलर्ट उपजिलाधिकारी सुरेन्द्र पाल विश्वकर्मा राजस्व टीम के साथ कोठरी गौरिया, इटहुवा पूरब में सरयू नदी के किनारे पंहुचकर किया निरीक्षण राजस्व कर्मियों को अलर्ट करते हुए बाढ़ चौकियों का भी किया निरीक्षण सभी को चौकन्ना रहते हुये जैसे ही गांवों की तरफ पानी रुख करे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पंहुचने के लिए निर्देश दिए हैं।
नेपाल ने सरयू नदी में करीब 1 लाख 72, हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है जिसके चलते सरयू नदी घाघरा अब खतरे के निशान से सिर्फ 20 सेमी नीचे है नेपाल से छोड़ा गया पानी भी सरयू नदी के डेंजरेस लेबल को छू रहा को रहा है। एक लाख बहत्तर हजार क्यूसेक पानी से नदी की दांती तक पानी पंहुच कर खलार के रास्ते से बांध की तरफ पंहुच कर गांवों में फैल सकता है।
ग्राम तेलवारी के पास नदी संकरी होने के चलते बाढ खंण्ड ने कटान के मुहाने खडे ग्राम समूह तेलवारी पर करवाये गये अनुरक्षण कार्य गांव को बचाने मे सार्थक साबित हो रहे हैं। अब तक आयी तीसरी बार की बाढ मे नदी कटान करते हुए गांवों का आस्तित्व समाप्ती की ओर पंहुचा रही होती ।
ऐसा उपरोक्त गांवों के ग्रामीणों का मानना है। तेलवारी के मोहडे पर करवाये गये अनुरक्षण कार्यों को आंशिक रूप से नुकसान पंहुचा था जिसे सहायक अभियंता व अवर अभियंता ने दो दिन में रात दिन बोरियों में आरबीएम भरकर तथा झांखड डलवा कर काम करवा लिया।
उपजिलाधिकारी ने बताया है कि सरयू के उफान को देखते हुये एलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए राजस्व टीम द्वारा बताया जा रहा है।
वहीं तेलवारी ग्राम समूह को पंहुचने का प्रमुख मार्ग जो कि लोक निर्माण विभाग खंण्ड एक की सडक है बांध के नीचे पुलिया तक दोनों तरफ दो फिट से ऊपर गहराई में मिटटी धंस गयी है कोई भी वाहन तेलवारी गांव तक नहीं पहुंच पायेगा । लोक निर्माण विभाग ने अब तक सडक को देख कर अनुरक्षण कार्य करवाना मुनासिब नहीं समझा है।
