हल्द्वानी: कोरोना काल में वन्य जीव और संपदा को मिला संरक्षण

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गौरव पांडेय, हल्द्वानी। कोरोना काल में वन्य जीव संपदा को संरक्षण मिला है। कोरोना काल के दौरान वन अपराध के मामलों में पिछले वर्षो की तुलना में गिरावट आई है। कोरोना काल वन्य जीव जंतुओं और संपदा के लिए बड़ी राहत लाया है। इसके साथ ही वन अपराध में गिरफ्तारी के साथ ही जुर्माने का …

गौरव पांडेय, हल्द्वानी। कोरोना काल में वन्य जीव संपदा को संरक्षण मिला है। कोरोना काल के दौरान वन अपराध के मामलों में पिछले वर्षो की तुलना में गिरावट आई है। कोरोना काल वन्य जीव जंतुओं और संपदा के लिए बड़ी राहत लाया है। इसके साथ ही वन अपराध में गिरफ्तारी के साथ ही जुर्माने का आंकड़ा भी बढ़ा है।

कोरोना काल कुमाऊं के सबसे संवेदनशील और जैव विविधतायुक्त पश्चिमी वन क्षेत्र के जंगल में वन्य जीवों और संपदा के लिए राहत लेकर आया है। कोराना काल में वन अपराध के मामले घटे हैं। वर्ष 2016 से 2019 तक वन अपराधों के मामलों में हर साल तेजी आई थी। वर्ष 2020 के कोरोना काल में इसमें काफी कमी आई। वन अपराधों में गिरावट लगातार इस साल भी देखी गई। वर्ष 2021 के कोरोना काल में वन अपराधों में पिछले वर्ष की तुलना में और गिरावट आई। दूसरी राहत की बात है कि पिछले वर्षो की तुलना में वन अपराध के मामले घटने के साथ ही वन अपराध के आरोपियों की गिरफ्तारी की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही राजकोष भी भरा है। पिछले चार साल यानी वर्ष 2016 से वर्ष 2020 तक जुर्माना राशि में तीन गुना की बढ़ोत्तरी भी हुई है।

वन अपराध के पांच साला आंकड़े
वर्ष           मामले       गिरफ्तार
2016-17   1488           584
2017-18   1675           514
2018-19  1843            393
2019-20  1408            315
2020-21  1331            574

वन अपराध में शामिल 3547 वाहन हुए सीज
हल्द्वानी। वन अपराध में आरोपियों पर सख्ती बरती जा रही है। गुजरे पांच साल के दौरान 3547 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। कोरोना काल के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही वाहन जब्त करने का आंकड़ा भी बढ़ा है।

26 करोड़ रुपए पहुंचा जुर्माना वसूली का ग्राफ
हल्द्वानी। वन अपराध के मामले भले भी घटे हो। लेकिन पकड़े गए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई से राजकोष भी बढ़ा है। गुजरे पांच साल के दौरान वन अपराध के मामलों में जुर्माने की रकम साल दर साल बढ़ती जा रही है। गुजरे पांच साल के दौरान आरोपियों से 26 करोड़ 77 हजार जुर्माना वसूला जा चुका है।

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