बरेली: आखिर किस मुश्किल में फंसे बरेली कॉलेज प्राचार्य, हो सकती है गिरफ्तारी!
बरेली, अमृत विचार। बरेली कालेज में निर्माण कार्यों में हुए करोड़ों के गबन मामले में प्रबन्ध समिति उपाध्यक्ष काजी अलीमुद्दीन को क्राइम ब्रांच द्वारा जेल भेजने के बाद अभी भी कई दिग्गजों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इसी केस में अपना नाम आने की आशंका पर बरेली कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डा. अनुराग …
बरेली, अमृत विचार। बरेली कालेज में निर्माण कार्यों में हुए करोड़ों के गबन मामले में प्रबन्ध समिति उपाध्यक्ष काजी अलीमुद्दीन को क्राइम ब्रांच द्वारा जेल भेजने के बाद अभी भी कई दिग्गजों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इसी केस में अपना नाम आने की आशंका पर बरेली कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डा. अनुराग मोहन भटनागर ने भी बीते दिनों अपने वकील के जरिए कोर्ट मे अग्रिम जमानत अर्जी दायर की थी।
बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट सत्यदेव गुप्ता ने सुनवाई की। कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी पर पुलिस आख्या तलब की थी जिस पर पुलिस रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि कार्यवाहक प्राचार्य को केस में आरोपी नहीं बनाया गया है। एडीजीसी क्राइम राजेश्वरी गंगवार ने अग्रिम जमानत अर्जी का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि जब केस में आरोपी नहीं बनाया गया तो अग्रिम जमानत का कोई आधार नहीं बनता है।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने उपरांत कार्यवाहक प्राचार्य की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी। बता दें कि इस मामले में बरेली कॉलेज प्रबंध समित के सचिव, दो पूर्व प्राचार्य, ठेकेदार समेत अन्य आरोपी हाईकोर्ट में चले गए थे। क्राइम ब्रांच ने तीन साल की जांच के बाद अचानक पांच आरोपियों के घर दबिश दी थी। जिसमें उपाध्यक्ष काजी अलीमुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। काजी अलीमुद्दीन की काफी दिनों बाद जमानत हो सकी थी। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद क्राइम ब्रांच भी शांत बैठ गई थी।
