शाहजहांपुर: दुबई में बेहतर नौकरी के लिए रेनू बनीं आयशा

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शाहजहांपुर, अमृत विचार। जिले में एक युवती ने इसलिए कथित रूप से मुस्लिम धर्म स्वीकार करते हुए प्रमाण पत्र बनवा लिया ताकि दुबई में नौकरी में उसे ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। युवती की शादी मुरादाबाद के युवक से 19 मई को ही हुई है, और उसका पति पुणे में कारोबार करता है। हालांकि …

शाहजहांपुर, अमृत विचार। जिले में एक युवती ने इसलिए कथित रूप से मुस्लिम धर्म स्वीकार करते हुए प्रमाण पत्र बनवा लिया ताकि दुबई में नौकरी में उसे ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। युवती की शादी मुरादाबाद के युवक से 19 मई को ही हुई है, और उसका पति पुणे में कारोबार करता है। हालांकि लड़की के परिजनों का कहना है कि उसने गलत किया है, अब वह प्रमाण पत्र वापस कर देगी और नौकरी नहीं करेगी।

जिले के थाना तिलहर अंतर्गत फरीदाबाद गांव में रहने वाली 29 वर्षीय रेनू युवती दिल्ली में इंदिरा गांधी हवाई अड्डा पर टिकट रूम में नौकरी करती है। रेनू ने अपनी स्वेच्छा से मुस्लिम धर्म स्वीकार कर एक प्रमाण पत्र बनवा  लिया। यह सब इसलिए किया ताकि वह दुबई में नौकरी कर सके। दुबई में मुस्लिम होने पर अच्छा रेस्पांस मिलता है।

युवती का कहना है कि वह दुबई में एयरपोर्ट पर ही काम करना चाहते थी और दुबई में यदि वह मुस्लिम धर्म स्वीकार कर नौकरी करेगी तो उसे ज्यादा लाभ मिलेगा इसलिए उससे धर्म परिवर्तन करना जरुरी समझा क्योंकि वह आगे बढ़ना चाहती थी। युवती का कहना है इस संबंध में उसने घर परिवार के लोगों से बात की तो पहले मना किया गया बाद में उन्होंने बात मान ली थी।

युवती ने बताया कि इसके बाद उसने इंटरनेट पर धर्म परिवर्तन करने वालों की जानकारी की जानकारी मिलते ही उसने कांटेक्ट करके धर्म परिवर्तन किया है युवती को जो प्रमाण पत्र मिला है उसमें उसे हिंदू नाम के बजाय नया नाम अलीशा अल्वी दर्शाया गया है तथा ये प्रमाण पत्र दिल्ली में कहीं से बनवाया गया है।

युवती से जब पूछा गया कि धर्म परिवर्तन करने से समाज के लोग आपसे अलग हो जाएंगे तो उसने कहां की “अच्छे इंसान हों यही सबसे बड़ा धर्म होता है” तथा पैसा सबसे जादा जरूरी होता है पैसा ना हो तो कितनी मुसीबतें आती हैं। युवती के पिता पूर्व फौजी अनिल गंगवार ने बताया कि उसे पूरे मामले की जानकारी कल बुधवार को हुई तो परिजनों ने काफी नाराजगी व्यक्ति की एवं बेटी को बताया कि उसने यह गलत किया है इसके बाद अब जो प्रमाण पत्र उसने बनवाया है उसे वापस कर देगी तथा अब उनकी बेटी नौकरी नहीं करेगी।

धर्मांतरण रैकेट से तो जुड़े नहीं हैं तार
नौकरी के लिए धर्मांतरण का यह अनोखा मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, यह प्रकरण ऐसे समय में खुला है जब यूपी एटीएस द्वारा जबरन धर्मांतरण रैकेट के खुलासा किया है। इस रैकेट से एसटीएफ को दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनमें आरोपी जहांगीर काजी और उमर गौतम ने एक हजार लोगों का धर्मांतरण कराया है।

युवती की 19 मई को हुई थी शादी
पुलिस अधीक्षक, शाहजहांपुर एस आनंद ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया। इसके बाद उन्होंने तिलहर थाने के प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान को युवती के गांव भेजा। उन्होंने थाना प्रभारी के हवाले से बताया कि युवती की 19 मई को इसी साल शादी हुई थी। उसका पति मुरादाबाद में रहता है और पुणे में कारोबार करता है। जैसे ही परिजनों को युवती द्वारा धर्म परिवर्तन करने की जानकारी हुई तो परिजनों ने काफी नाराजगी व्यक्ति की। इसके बाद युवती ने कहा कि स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन का जो प्रमाण पत्र हासिल किया है वह आज ही वापस कर देगी।

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