बरेली: लंच टाइम बताकर दिया धक्का, देखता रहा बैंक का स्टाफ

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। बैंक ऑफ बड़ौदा में पहले तो सुरक्षाकर्मी ने रेलकर्मी को बिना मास्क के अंदर जाने से रोक दिया लेकिन जब रेलकर्मी मास्क लगाकर दोबारा पहुंचा तो लंच टाइम बताकर सुरक्षाकर्मी ने फिर से उसे रोक दिया और विरोध करने पर उसे धक्का दे दिया। काफी जद्दोजहद के बाद जब वह अंदर पहुंचा …

बरेली, अमृत विचार। बैंक ऑफ बड़ौदा में पहले तो सुरक्षाकर्मी ने रेलकर्मी को बिना मास्क के अंदर जाने से रोक दिया लेकिन जब रेलकर्मी मास्क लगाकर दोबारा पहुंचा तो लंच टाइम बताकर सुरक्षाकर्मी ने फिर से उसे रोक दिया और विरोध करने पर उसे धक्का दे दिया। काफी जद्दोजहद के बाद जब वह अंदर पहुंचा तो उसे गोली मार दी। आरोप है कि बैंक का स्टाफ उसको तड़पता देखता रहा लेकिन मदद नहीं की। आधा घंटे बाद घायल का परिवार बैंक पहुंचा और उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

स्टेशन रोड़ की बैंक ऑफ बडौदा शाखा पर गार्ड द्वारा गोली मारने से घायल राजेश की पत्नी जिला अस्पताल में विलाप करती हुई

शुक्रवार दोपहर ड्यूटी से राजेश घर पहुंचा और पत्नी प्रियंका को बताया कि वह बैंक में पासबुक की एंट्री कराने जा रहा है। प्रियंका ने बताया कि पहले तो सुरक्षाकर्मी ने उनके पति को मास्क न लगाने पर बैंक में जाने से रोक दिया और बाद में जब वह मास्क लगाकर वहां पहुंचे तो लंच टाइम बताकर उन्हें फिर से गेट पर ही रोक दिया। उनके पति ने सुरक्षाकर्मी को बताया कि उन्हें भी ऑफिस जाना है लेकिन उसने एक न सुनी और बाद में जब उनके पति बैंक के अंदर पहुंचे तो उनको गोली मार दी।

बैंक का स्टाफ उनके पति को तड़पता देखता रहा लेकिन किसी ने भी पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी जब बेटी ने पिता को सामान लाने के लिए फोन किया तो उन्होंने फोन उठाकर बताया कि सुरक्षाकर्मी ने गोली मार दी है। सूचना मिलने पर वह बैंक पहुंची जिसके बाद उनकी सूचना पर पुलिस आयी और पति को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सुरक्षाकर्मी को हिरासत में ले लिया। बैंक में पीड़ित लगभग आधा घंटे तक तड़पता रहा लेकिन किसी स्टाफ ने उसकी कोई मदद नहीं की बल्कि उसका वीडियो बनाते रहे।

शुक्रवार को स्टेशन रोड़ स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पर गार्ड द्वारा ग्राहक को गोली मारने की घटना

छीना झपटी में चली गोली
सुरक्षाकर्मी केशव ने बताया कि उसने किसी को गोली नहीं मारी है। बल्कि राजेश जब दोबारा बैंक में आए तो वह गुस्से में थे और उसके साथ अभद्रता करने लगे। छीनाझपटी में बंदूक चल गई और गोली उनकी जांघ में लग गई। बंदूक लोड थी इसलिए यह हादसा हो गया।

2014 में सेना से हुआ था सेवानिवृत्त
सुरक्षाकर्मी केशव सिक्योरिटी गार्ड कंपनी में आने से पहले सेना में था। वह 2014 में सेना से सेवानिवृत्त हुआ था। इसके बाद उसने सिक्योरिटी कंपनी ज्वाइन की थी। वह पहले मीरगंज की शाखा में तैनात था। दो साल पहले ही उसका तबादला सिविल लाइंस की शाखा में हुआ था।

पत्नी की पासबुक पर एंट्री करवाने गए थे राजेश
राजेश ने बताया कि वह पत्नी की पासबुक पर एंट्री करवाने गए थे। इसी बीच गार्ड ने उनके साथ अभद्रता की और उनके गोली मार दी। इस तरह से किसी को कोई कैसे गोली मार सकता है। गार्ड उनकी सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं न कि गोली मारने के लिए।

बिना मास्क बैकं प्रवेश निषेध को लेकर स्टेशन रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के गेट पर लगा बोर्ड।

अपनी तरह की पहली घटना
जिले की यह अपनी तरह की पहली घटना है जिसमें बैंक के गार्ड ने किसी ग्राहक को गोली मारी हो। गोली लगने के बाद बैंक के बाहर खड़े लोग भी यही चर्चा करते रहे कि विवाद में कोई सुरक्षा गार्ड किसी ग्राहक को कैसे गोली मार सकता है।

सेना की छवि खराब कर रहे सेवानिवृत्त फौजी
कुछ लोग सेवानिवृत्त के बाद सेना की छवि खराब करने में लगे हैं। कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने फर्जी दरोगा पकड़ा था। वह भी सेना से रिटायर हुआ था। उसके बाद उसने दरोगा बनाकर वसूली करना शुरू कर दिया था। बैंक सुरक्षाकर्मी ने भी मामूली विवाद में इस तरह गोली मार दी जैसे कि राजेश बैंक लूटने वहां आया हो।

सुरक्षाकर्मियों के मानसिक जांच की जरूरत
मुहम्मद खालिद जीलानी (उपभोक्ता मामलों के वकील एंव आरटीआई एक्टिविस्ट) ने कहा कि बैंकों जैसे व्यस्त सार्वजनिक कामकाज के स्थानों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों का आपराधिक इतिहास, चरित्र प्रमाणपत्र और मानसिक स्थिति की जांच बहुत ज़रूरी है, लेकिन बरेली में बैंक में सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करने वाली कंपनियां इस प्रमुख बिंदु को लगातार नजरअंदाज करते हैं।

शुक्रवार को स्टेशन रोड़ स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पर ग्राहक को गोली मारने बाले गार्ड को पुलिस ने हिरासत मे लिया।

बैंक प्रबंधन इन सुरक्षाकर्मियों से सुरक्षा के अलावा बैंकिंग से जुड़े कई तरह के काम लेते हैं, जिसको लेकर अक्सर ग्राहकों से तकरार भी होती है। हम कई मौकों पर इस मुद्दे को उठाते रहे हैं लेकिन अफसर ध्यान नहीं देते। यह घटना इसी लापरवाही का नतीजा है। बैंक परिसर में ग्राहकों के जीवन और पैसे की सुरक्षा बैंकों की सर्वोच्च ज़िम्मेदारी है।

बैंक ऑफ बड़ौदा में हुई अमानवीय घटना
बैंक ऑफ बड़ौदा की स्टेशन रोड स्थित शाखा में गार्ड द्वारा रेलवे कर्मचारी को गोली मारने की घटना बहुत ही अमानवीय है। देश के बड़े बैंकों में शामिल बरेली की अग्रणी बैंक में कल ही एक प्रदर्शन बैंक के ग्राहकों ने किया था। उसमें बैंक मित्र के द्वारा ग्राहकों के धन का गबन का मामला था। दोनों ही मामलों में बैंक नीतियों की ही खामियां है, जब से राष्ट्रीयकृत बैंकों में कामों को निजी हाथों में दिया गया है, यूनियन ने इसका हमेशा विरोध किया है।
संजीव महरोत्रा, बरेली ट्रेड यूनियन फेडरेशन

स्टेशन रोड़ की बैंक ऑफ बडौदा शाखा पर गार्ड द्वारा गोली मारने से घायल राजेश को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे लोग

पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता मुहैया कर रहा बैंक
मीडिया प्रतिनिधि, बीओबी दुर्गेश शर्मा ने कहा कि बैंक सुरक्षाकर्मी और ग्राहक के बीच कहासुनी के बीच जो घटना हुई है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना चूंकि बैंक के सुरक्षाकर्मी द्वारा घटित की गई है। इसलिए पीड़ित परिवार की हर तरह की सहायता बैंक की तरफ से की जाएगी। घायल की हालत खतरे से बाहर है जिस निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति की गई थी उसे तत्काल सूचित कर दिया गया था। एजेंसी की तरफ से बैंक सुरक्षाकर्मी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है। बैंक की तरफ से पुलिस की जांच पड़ताल में पूरी तरह से सहयोग किया जा रहा है।

संबंधित समाचार