बरेली: किसानों का 273 करोड़ रुपये दबाए बैठी चीनी मिलें

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बरेली, अमृत विचार। शासन व प्रशासन किसानों को शत प्रतिशत गन्ना भुगतान निर्धारित समय में दिलाने का दावा तो करते हैं, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। उनका कहना है तमाम अव्यवस्थाओं के बीच जैसे तैसे सेंटरों पर दिक्कतें झेलकर गन्ना …

बरेली, अमृत विचार। शासन व प्रशासन किसानों को शत प्रतिशत गन्ना भुगतान निर्धारित समय में दिलाने का दावा तो करते हैं, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। उनका कहना है तमाम अव्यवस्थाओं के बीच जैसे तैसे सेंटरों पर दिक्कतें झेलकर गन्ना बेचा अब भुगतान की बारी आई तो अफसर चुप्पी साधे हैं। मिलों ने भी चीनी की बिक्री नहीं होने पर हाथ खड़े कर दिए हैं। इसकी वजह से सैंकड़ों किसान परेशान हैं।

सरकारी अभिलेखों में जनपद में अभी तक 78 प्रतिशत किसानों को इस सत्र का भुगतान किया जा चुका है। मगर, हकीकत में किसानों का अब सरकार और चीनी मिलों से भरोसा उठ गया है। अफसर मिलों को नोटिस भेजकर भुगतान का दबाव बनाने की बात कह रहे हैं, लेकिन अब भी महीनों बाद भी हजारों किसानों का 273 करोड़ रुपये मिलें दबाए बैठीं हैं।

अफसरों का कहना है जिले की पांच चीनी मिलों में नवाबगंज की ओसवाल मिल भुगतान के मामले में सबसे पीछे और फरीदपुर की द्वारिकेश चीनी मिल पहले नंबर पर हैं। नियमानुसार गन्ना क्रय अधिनियम के तहत मिल में सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर मिलों को बकाया भुगतान करना होता है। इसके बाद भुगतान करने पर 15 फीसदी की दर से बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है। लेकिन सिस्टम में बैठे अफसरों की सुस्ती के कारण ऐसा हो नहीं रहा है। इससे 14 दिन के भीतर भुगतान के दावे भी हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।

मंडल के अन्य जिलों से बेहतर बरेली की स्थिति
विभागीय अफसरों के अनुसार जनपद की चीनी मिल गन्ना भुगतान करने में बरेली मंडल में प्रथम स्थान पर है। गन्ना भुगतान करने में पीलीभीत की चीनी मिलें फिसड्डी साबित हो रही हैं। मंडल में फरीदपुर की द्वारिकेश चीनी मिल ने इस बार रिकार्ड तोड़ दिया। पिछले कुछ सालों से पीलीभीत की एलएच शुगर मिल भुगतान के मामले में प्रथम स्थान पर रही है।

इस बार द्वारिकेश चीनी मिल शत प्रतिशत भुगतान करने के साथ ही मंडल में प्रथम स्थान पाने का रिकार्ड बना चुकी है। इसी तरह मीरगंज की धामपुर चीनी मिल दूसरे नंबर पर, तीसरे नंबर पर शाहजहांपुर जिले की निगोही स्थित डालमिया और पीलीभीत की एलएच मिल चौथे स्थान पर चल रही है। मंडल में शामिल जनपदों में किए गए गन्ना भुगतान फीसदी की स्थिति इस प्रकार से है।

बरेली में चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य

  • बहेड़ी / केसर इंटरप्राइजेज-15933.73
  • मीरगंज/धामपुर-435.89
  • नवाबगंज/ओसवाल-6869.75
  • सेमीखेड़ा/सहकारी मिल-4067.402
  • (नोट: गन्ना विभाग के 23 जून के आंकड़ों के अनुसार)

मंडल में जनपद वार भुगतान फीसदी में

  • बरेली-78.27
  • पीलीभीत-68.19
  • शाहजहांपुर-73.22
  • बदायूं-35.13
  • कासंगज-13.48

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