बरेली: आयकर पोर्टल के झमेले में विवाद से फंसी विश्वास स्कीम
बरेली, अमृत विचार। कोरोना की पहली लहर के बाद से परेशान कारोबारियों की मांग पर आयकर विभाग ने जून महीने के पहले सप्ताह में करदाताओं की सहूलियत के लिए नए पोर्टल की शुरुआत की। लेकिन, यह पोर्टल 20 दिन बाद भी पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। पोर्टल पर 60 फीसदी सुविधाएं अभी …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना की पहली लहर के बाद से परेशान कारोबारियों की मांग पर आयकर विभाग ने जून महीने के पहले सप्ताह में करदाताओं की सहूलियत के लिए नए पोर्टल की शुरुआत की। लेकिन, यह पोर्टल 20 दिन बाद भी पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। पोर्टल पर 60 फीसदी सुविधाएं अभी भी प्रतिबंधित हैं। जिसकी वजह से विवाद से विश्वास स्कीम समेत कई तरह की सुविधाओं का लाभ करदाताओं, व्यापारियों, उद्यमियों को नहीं मिल रहा। शिकायत के बाद भी विभाग इनकी समस्या का समाधान नहीं करा सका है।
कारोबारियों को सहूलियत देने के मकसद से कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होते ही आयकर विभाग का नया पोर्टल सात जून की देर शाम लांच हुआ था। तभी से इसमें दिक्कतें आने लगीं। शहरियों के अलावा चार्टर्ड एकाउंटेंट, अधिवक्ता और व्यापारी संगठनों द्वारा वित्त मंत्रालय में इस बात की शिकायत की थी।
मंत्रालय की पोर्टल तैयार करने वाली कंपनी इंफोसिस के साथ इसको लेकर हुई बैठक में धीरे-धीरे पोर्टल के काम करने का आश्वासन कंपनी द्वारा दिया गया। मगर, 20 दिन बाद भी पोर्टल की हालत जस-की-तस है। अब तक 40 फीसदी सुविधाएं ही बहाल हैं। अपील, धारा 148 की कार्रवाई, विवाद से विश्वास स्कीम, सभी प्रकार की नोटिस और नोटिसों के दिए गए जवाब अब भी पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे करदाता न विभागीय आदेश के खिलाफ अपील कर पा रहे हैं, न नोटिसों का जवाब दे पा रहे हैं।
विवाद से विश्वास स्कीम का फायदा भी नहीं ले पा रहे हैं। यहां तक कि रिटर्न भी दाखिल नहीं कर पा रहे हैं। कर विशेषज्ञ सुमन वर्मा का कहना है आयकर विभाग ने नया फार्म दिया है। जून खत्म होने को है मगर, पोर्टल के काम न करने से रिटर्न भी जमा नहीं हो रहा है।
